वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने तीन दिन में दूसरी बार ईरान के कई इलाकों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। ईरान का आरोप है कि सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान भी मिसाइल गिरी, जिसमें 5 लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए। मरने वालों में चार साल का बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि, हमले को लेकर अलग-अलग ईरानी रिपोर्टों में मृतकों और घायलों की संख्या अलग बताई गई है।
ईरान के मुताबिक अमेरिकी हमलों में खुजस्तान प्रांत में भी 7 लोगों की मौत और 8 लोग घायल हुए हैं। अमेरिका का कहना है कि उसके हमले ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए जाने का दावा किया है। ईरान ने जॉर्डन में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की बात कही, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए शुरुआती जानकारी में किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत नहीं होने की बात कही है।
तनाव के बीच रूस पर ईरान को गुप्त रूप से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक उपलब्ध कराने के आरोप भी सामने आए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों का कथित कार्यक्रम 2023 से चल रहा है और इसमें ईरान को रैमजेट तकनीक विकसित करने में मदद दी जा रही है। हालांकि, ईरान द्वारा ऐसी मिसाइलों की तैनाती का कोई पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आया है।
अमेरिका-ईरान टकराव का सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ सकता है। यह दुनिया के महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में शामिल है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने या समुद्री यातायात बाधित होने पर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की आशंका है। इसी बीच अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन भी लंबे समय तक पश्चिम एशिया में मिशन के बाद थाईलैंड पहुंचा है।


