कायमगंज/फर्रुखाबाद। चार दशक तक पुलिस और न्यायालय की गिरफ्त से दूर रहा हरसिंहपुर गोवा रेलवे स्टेशन डकैती कांड का सजायाफ्ता अभियुक्त आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। कायमगंज कोतवाली पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए करीब 40 वर्षों से फरार चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हरिश्चंद्र उर्फ पक्का उर्फ गिरेन्द्र, निवासी ग्राम जगतापुर, थाना इंदरगढ़, जनपद कन्नौज के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी था और वह लगातार फरार चल रहा था। लंबे समय से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन के निकट श्यामनगर स्थित एक बाग में दबिश देकर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई में उपनिरीक्षक अय्यूब, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र तिवारी तथा कांस्टेबल विजय और सुरेश शामिल रहे।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 1980 में जीआरपी फर्रुखाबाद में हरसिंहपुर गोवा रेलवे स्टेशन पर हुई डकैती और चोरी का माल रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी हुआ था, लेकिन वह वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि वह न्यायालय में तारीख पर उपस्थित नहीं हो सका, जिसके चलते उसके खिलाफ वारंट जारी हो गया था। हालांकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ल ने बताया कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। उसके खिलाफ डकैती, हत्या के प्रयास, अवैध शस्त्र रखने सहित अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
सहायक स्टेशन मास्टर की तहरीर पर दर्ज हुआ था सनसनीखेज मुकदमा
पुलिस अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1980 में हरसिंहपुर गोवा रेलवे स्टेशन पर तैनात सहायक स्टेशन मास्टर कृपा स्वरूप सक्सेना की तहरीर पर जीआरपी फर्रुखाबाद में डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि हथियारबंद बदमाश तमंचे, चाकू और लाठियों से लैस होकर स्टेशन पहुंचे, कर्मचारियों के हाथ बांध दिए और नकदी समेत अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। यह घटना उस समय क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी थी। अब करीब 40 वर्ष बाद इस मामले के एक फरार सजायाफ्ता अभियुक्त की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।


