एमपी के 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने 25 से 31 अगस्त के बीच देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। चंदौली में मूसाखांड और लतीफशाह बांध ओवरफ्लो होने के बाद गेट खोल दिए गए हैं। लखीमपुर में शारदा नदी पर बने तमोलिन पुरवा बांध का हिस्सा कट गया। वहीं महोबा जिला अस्पताल में पानी भरने से मरीजों और कर्मचारियों को परेशानी हुई। प्रदेश के 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।
वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। मरीजों और तीमारदारों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा। चंदौली में भी भारी बारिश के कारण सड़कें और गली-मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बिहार में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बेगूसराय में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और करीब 50 हजार लोग बाढ़ के पानी से घिरे बताए जा रहे हैं। कई निचले इलाकों में सड़कें डूबने से आवागमन नावों के सहारे हो रहा है। भागलपुर और बेगूसराय में तटबंध टूटने से हालात और गंभीर हुए हैं।
मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय होने जा रहा है। अगले दो-तीन दिनों में उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में तेज बारिश की संभावना है। भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उधर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश व भूस्खलन से परेशानी बढ़ी है। पिथौरागढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि हिमाचल के चंबा में पहाड़ का मलबा सड़क पर आने से मार्ग बंद हो गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।


