नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बराकेशव के मजरा नगला जब्ब में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान राजस्व टीम पर कथित रूप से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार को हुई घटना में सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने चकबंदी कर्मचारियों की तहरीर पर 21 नामजद लोगों के अलावा करीब 100 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद गांव में चक सीमांकन और कब्जा परिवर्तन का काम रोक दिया गया।
जानकारी के अनुसार, चकबंदी कानूनगो शिवकुमार और महिपाल सिंह अपनी लेखपाल टीम के साथ गांव में चक सीमांकन और कब्जा परिवर्तन का कार्य कर रहे थे। चक सीमांकन पूरा होने के बाद दोपहर करीब दो बजे कर्मचारी पानी पीने के लिए नगला जब्ब निवासी सुरेंद्र सिंह के मकान पर पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान 21 नामजद लोग और करीब 100 अज्ञात महिला-पुरुष वहां पहुंच गए। कर्मचारियों के मुताबिक, भीड़ ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी।
शिकायत के अनुसार, हमलावरों ने सरकारी जरीब और नक्शे की फोटोकॉपी छीन ली। स्थिति बिगड़ने पर कर्मचारी अपनी सुरक्षा के लिए सुरेंद्र सिंह के मकान में चले गए। आरोप है कि भीड़ ने पैमाइश से संबंधित सरकारी जरीब और रजिस्टर भी अपने कब्जे में ले लिए और उन्हें वापस नहीं किया। सूचना मिलने पर नवाबगंज थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद दो कानूनगो और चार लेखपालों का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया।
कर्मचारियों ने तहरीर में यह भी आरोप लगाया कि चक सीमांकन शुरू होने के समय कुछ लोगों ने पहले भी कार्य में व्यवधान डालने की कोशिश की थी। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद पैमाइश दोबारा शुरू की गई थी। कर्मचारियों ने आरोपितों पर अभद्रता, मारपीट की धमकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। कानूनगो शिवकुमार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


