स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे आशुतोष रांका
जयपुर। बगरू के रामपुरा गांव में शुक्रवार सुबह सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके समर्थकों का ग्रामीणों ने विरोध किया। देखते ही देखते विवाद मारपीट और पथराव में बदल गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं को पीटकर गांव से खदेड़ दिया और उनकी गाड़ियों पर पथराव किया। घटना में रांका समेत कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
रांका ने आरोप लगाया कि उनकी कमीज फाड़ दी गई, मोबाइल और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। एक महिला समर्थक से भी मारपीट की गई। संजू वर्मा समेत कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। गंभीर घायलों को सवाई मानसिंह अस्पताल के आघात केंद्र में भर्ती कराया गया।
रांका ने हमले के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हमलावरों की गिरफ्तारी और स्कूल निरीक्षण से जुड़ा आदेश वापस नहीं हुआ तो 48 घंटे बाद पूरे राजस्थान में आंदोलन किया जाएगा। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर ग्रामीणों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हथियार लेकर गांव में आने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बार-बार लौटने की अपील के बावजूद दोबारा पहुंचने पर विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि स्कूल की मरम्मत के लिए सरकार ने करीब साढ़े 12 लाख रुपये मंजूर किए हैं।
जर्जर स्कूल को लेकर विवाद
रामपुरा का सरकारी स्कूल जर्जर होने के कारण बंद है। बच्चों को करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में टीन की छत के नीचे पढ़ाया जा रहा है। पास में पशुओं का चारा भी रखा है।
सीजेपी की टीम इसी स्थिति का निरीक्षण करने पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, कार्यकर्ताओं को सुबह दो बार समझाकर वापस भेजा गया था। दोबारा पहुंचने पर ग्रामीणों से मारपीट हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना पर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिति देखने पहुंचे लोगों के साथ मारपीट गंभीर मामला है।


