नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन-2026 के उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड तथा स्पार्क मिंडा कॉरपोरेशन की उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित परियोजनाओं का दृश्य माध्यम से भूमिपूजन किया। सम्मेलन में जापान के यामानाशी प्रांत के राज्यपाल कोटारो नागासाकी समेत 200 से अधिक जापानी उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और यामानाशी प्रांत के राज्यपाल कोटारो नागासाकी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान के पास दशकों का औद्योगिक अनुभव है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास उस अनुभव को आत्मसात कर नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली युवा शक्ति है। उन्होंने जापानी उद्योग जगत से उत्तर प्रदेश को अपना दूसरा औद्योगिक घर बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जापानी कंपनियों के साथ विश्वसनीय साझेदार के रूप में खड़ी है। प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर वातावरण, मजबूत आधारभूत ढांचा, कुशल मानव संसाधन और उद्योगों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
सम्मेलन में विनिर्माण, हरित ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, अर्धचालक और पर्यटन समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा की परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य जापानी निवेश को प्रदेश के औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और उत्तर प्रदेश को एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है। सम्मेलन को भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


