सुसाइड नोट में लिखा- भ्रष्टाचार नहीं किया, मुझे बदनाम करने की कोशिश
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित टीएमसी कार्यालय में उनका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को कार्यालय से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें आशीष बनर्जी ने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार करते हुए लिखा कि उन्होंने किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। नोट में रेत के टेंडर, तारापीठ-रामपुरहाट विकास प्राधिकरण के काम, नक्शा पास कराने, अनापत्ति प्रमाणपत्र और चेक से जुड़े मामलों में अपनी किसी भूमिका से भी इनकार किया गया है।
आशीष ने नोट में अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया और राजनीति में आने पर अफसोस जताया। हालांकि, पुलिस आत्महत्या के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
आशीष बनर्जी रामपुरहाट सीट से 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। ममता बनर्जी सरकार में वे स्कूल शिक्षा और कृषि समेत कई विभागों के मंत्री रहे तथा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे। 2026 के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा प्रत्याशी ध्रुबा साहा से हार गए थे।
आशीष बनर्जी ने 2 जून को टीएमसी के बीरभूम जिला अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कोर कमेटी के निष्क्रिय होने की बात कही थी और खुद को पार्टी का सामान्य सदस्य बताया था।
स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को उन्होंने अपने घर के पास तिरंगा फहराया था। परिवार के मुताबिक, उस समय सब कुछ सामान्य था। उनके भाई प्रशांत बनर्जी ने बताया कि रविवार सुबह दरवाजे के पास से रस्सी लटकती दिखाई देने पर शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह आत्महत्या है या हत्या, इसकी जांच पुलिस करेगी। वहीं टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने आशीष बनर्जी को ईमानदार और सम्मानित जनसेवक बताते हुए उनके कथित बदनाम किए जाने के अभियान पर सवाल उठाए हैं।


