जीएसवीएम के ऑर्थो विभाग के डॉक्टर बोले,जोड़ों और नसों में दर्द की बढ़ रही शिकायतें, गर्दन व सिरदर्द भी परेशानी का कारण
कानपुर। स्मार्टफोन का अत्यधिक इस्तेमाल अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रहा है। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक मोबाइल पर लगातार झुककर बैठने और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने से गर्दन, कंधे, कलाई और हाथों में दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, लगातार मोबाइल देखने के दौरान गर्दन को नीचे की ओर झुकाए रखने से शरीर की मुद्रा प्रभावित होती है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने पर गर्दन और कंधे की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे दर्द और जकड़न की समस्या पैदा हो सकती है।
ऑर्थो विभाग के चिकित्सकों के मुताबिक मोबाइल के अधिक इस्तेमाल के साथ अस्पताल में नसों में दर्द, गर्दन और कंधों में परेशानी तथा सिरदर्द जैसी शिकायतों वाले मरीज सामने आ रहे हैं। खासतौर पर लंबे समय तक मोबाइल पर काम करने या सोशल मीडिया देखने वालों में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि मोबाइल का इस्तेमाल करते समय गर्दन को लगातार नीचे झुकाकर न रखें। बीच-बीच में ब्रेक लेना और शरीर की मुद्रा को सही रखना जरूरी है।
चिकित्सकों ने मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडियोफ्रीक्वेंसी रेडिएशन को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही है। हालांकि, मोबाइल फोन के रेडिएशन और नसों में दर्द के बीच सीधा कारण-परिणाम संबंध स्थापित करने के लिए वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। इसलिए डॉक्टरों का जोर फिलहाल मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल और गलत पोस्चर से होने वाली मांसपेशियों एवं नसों की समस्याओं से बचाव पर है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों और युवाओं में मोबाइल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। लगातार स्क्रीन देखने और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से शारीरिक गतिविधियां भी कम हो सकती हैं। ऐसे में मोबाइल उपयोग के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त आराम जरूरी है।
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करें, लगातार घंटों तक स्क्रीन देखने से बचें और गर्दन, कंधे या हाथ में लगातार दर्द रहने पर चिकित्सकीय सलाह लें।


