-मरीजों का इलाज प्रभावित; पर्चा बनवाने से जांच शुल्क जमा करने तक घंटों इंतजार
लखनऊ
स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सर्वर की समस्या बनी रहने से मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बाह्य रोगी विभाग में पंजीकरण से लेकर जांच के लिए शुल्क जमा करने तक की प्रक्रिया बाधित रही। मरीज घंटों कतार में खड़े रहे, लेकिन सर्वर चालू न होने से कई लोगों का पंजीकरण नहीं हो सका। इलाज की उम्मीद में अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
मंगलवार सुबह बाह्य रोगी विभाग शुरू होते ही नए और पुराने विभागों में ऑनलाइन व्यवस्था ठप हो गई। इसके चलते पर्चा बनवाने और जांच शुल्क जमा करने वाले काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। काफी देर तक कतार में खड़े रहने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर कई मरीज और तीमारदार काउंटर के आसपास बैठे नजर आए। अस्पताल की व्यवस्था पर निर्भर मरीजों के लिए सर्वर की खराबी बड़ी बाधा बन गई।
सर्वर की समस्या का असर केवल पंजीकरण और जांच शुल्क जमा करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। मरीजों को सर्वर बहाल होने तक रिपोर्ट के लिए इंतजार करने को कहा गया। इससे अस्पताल में पहले से मौजूद भीड़ और बढ़ गई। कई मरीजों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि ऑनलाइन व्यवस्था कब तक सामान्य होगी। लगातार दूसरे दिन समस्या बने रहने से मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी भी देखने को मिली।
वहीं, सर्वर की समस्या को दूर करने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल इसकी वजह राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की तकनीकी खामी को बता रहे हैं। लगातार दूसरे दिन ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावित रहने से चिकित्सा विश्वविद्यालय की मरीज सेवाओं पर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए पंजीकरण, जांच शुल्क और रिपोर्ट जैसी जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सर्वर की समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।


