नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस ) को लेकर सरकार से जवाबदेही और पारदर्शिता का सवाल उठाया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या RSS एक पंजीकृत संगठन है और यदि है तो उसका पंजीकरण किस स्वरूप में है? साथ ही संगठन के संचालन के लिए धन कहां से आता है?
डिंपल यादव का यह सवाल ऐसे समय में सामने आया है, जब आरएसएस की गतिविधियों, उसकी संस्थागत स्थिति और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा,“सरकार बताए कि क्या आरएसएस संगठन रजिस्टर्ड है कि नहीं और उसको चलाने के लिए पैसे कहां से जाते हैं?”
सांसद के इस सवाल ने सीधे तौर पर संगठन के कानूनी दर्जे, वित्तीय स्रोतों और जवाबदेही को बहस के केंद्र में ला दिया है।
डिंपल यादव के सवाल का दूसरा हिस्सा और ज्यादा महत्वपूर्ण है,आरएसएस के संचालन में इस्तेमाल होने वाले धन का स्रोत क्या है? उनका सवाल है कि यदि संगठन देशभर में बड़े पैमाने पर गतिविधियां संचालित करता है, तो उसके आर्थिक संसाधनों की व्यवस्था किस माध्यम से होती है और क्या उसकी आय-व्यय संबंधी जानकारी सार्वजनिक होती है।
डिंपल यादव के सवाल ने राजनीतिक गलियारों में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि,आरएसएस का आधिकारिक कानूनी दर्जा क्या है?
उसकी आय के प्रमुख स्रोत क्या हैं?क्या उसके वित्तीय लेन-देन का कोई सार्वजनिक ऑडिट/रिकॉर्ड है?और संगठन को मिलने वाले धन की निगरानी किस कानून के तहत होती है?


