एफसीआरए,परिसीमन और झारखंड के रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा; कहा- सरकार सवालों से क्यों भाग रही है?
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को केंद्र सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने लोकतंत्र, विपक्ष की भूमिका, एफसीआरए कानून, परिसीमन और झारखंड के युवाओं के रोजगार समेत कई विषयों पर अपनी बात रखी।
वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमले की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि संबंधित नेता लंबे समय तक मुख्यमंत्री रही हैं और ऐसी स्थिति में उनके साथ इस तरह की घटना होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन किसी का अपमान नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने एफसीआरए को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों को परेशान करने और डर का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने देश के धन के विदेश जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष FCRA और परिसीमन का विरोध कर रहा है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा आरोप लगाते हुए उसे बड़े स्तर पर भूमाफिया से जोड़कर निशाना साधा।
झारखंड के बच्चों और युवाओं के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार उनसे बातचीत कर रही है और उन्हें उम्मीद है कि कोई रास्ता निकलेगा। हालांकि उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल किया कि भारत सरकार ने झारखंड के लोगों को रोजगार देने के लिए क्या किया।
अखिलेश यादव ने लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को लेकर कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर इसलिए भेजती है कि वे सरकार से सवाल पूछें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दे रही है और सवालों से बच रही है।
परिसीमन के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव की तैयारी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलने की बात हो रही है, तब देश की सीमाओं की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा।
अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद एफसीआरए , परिसीमन, रोजगार और विपक्ष की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।


