लखनऊ। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने लखनऊ स्थित कार्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर देशहित, संविधान और सामाजिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि संगठन ने देशभर में ‘खाड़ी से पहाड़ी तक’ 53 कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं और अब क्षत्रिय समाज अपनी बात सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से रखेगा।
राजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं, लेकिन जनता का भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कायम है। उन्होंने कहा, “योगी के बिना भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश जीतना आसान नहीं है।”
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने यूजीसी कानून के खिलाफ चल रही न्यायिक लड़ाई का भी उल्लेख किया। राजू ने कहा कि महासभा योग्यता और मेरिट के सम्मान की मांग कर रही है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था पर कहा कि इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक पहुंचना चाहिए और इडब्लूएस व्यवस्था को धरातल पर सरल एवं प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी प्रतिभाओं को उनका उचित सम्मान क्यों नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज को नजरअंदाज कर किसी भी राज्य में व्यापक राजनीतिक जनाधार बनाना आसान नहीं है।
राजू ने 2022 के विधानसभा चुनाव की मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे और दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद कई नाम नहीं जोड़े गए। उन्होंने दावा किया कि इसका राजनीतिक प्रभाव पड़ा।
उन्होंने मांग की कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रत्येक जिले में मतदाता सूची को लेकर कड़ी और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे। उन्होंने दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने मतदाता पहचान पत्र और आधार में उम्र संबंधी विसंगतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी त्रुटियों को दूर करने के लिए जिम्मेदार तंत्र को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में अवध प्रदेश अध्यक्ष वीरपाल सिंह भदौरिया, प्रदेश महामंत्री आलोक सिंह, बैरिस्टर दिग्विजय सिंह, अभय सिंह राजावत, कार्तिक भदौरिया, प्रबल प्रताप, विकास भदौरिया, सुमित सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


