– वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
लखीमपुर खीरी। मझगईं क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत बेलाकलां के लोहरा गांव में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुए ने खेत में काम कर रहे दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में दहशत फैल गई, हालांकि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तेंदुए को घेरकर पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार, लोहरा गांव निवासी बबलू (38) और रामनरेश (44) गन्ने की गुड़ाई कर रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। दोनों के शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग दौड़ पड़े और किसी तरह उन्हें तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया। इस दौरान दोनों ग्रामीण घायल हो गए।
हमले के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एकजुट होकर तेंदुए को चारों तरफ से घेर लिया। काफी मशक्कत के बाद लाठी-डंडों की मदद से उसे काबू में किया गया और रस्सी से बांध दिया गया। गांव में इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
घायल बबलू और रामनरेश को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से पालिया सीएचसी भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है। घटना के बाद पूरे गांव में डर और सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तेंदुआ पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा था और इसकी सूचना कई बार विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के चलते यह हमला हुआ।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को कब्जे में लेकर पिंजरे में कैद करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जाएगा। घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


