– अमर नायकों की गाथा पहुंचेगी गांव-गांव
– रंगमंच बनेगा राष्ट्रजागरण का माध्यम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार एक बड़े सांस्कृतिक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। “राष्ट्रचेतना महाभियान” के तहत प्रदेश के सभी जिलों में ऐतिहासिक और राष्ट्रनायकों पर आधारित नाट्य मंचन आयोजित किए जाएंगे।
इस महत्वाकांक्षी योजना की कार्ययोजना भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा तैयार की गई है। अभियान के तहत भारतीय संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना से जुड़े विषयों को रंगमंच के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार ‘आनंदमठ’ और महाराजा सुहेलदेव जैसे ऐतिहासिक विषयों को इस अभियान का प्रमुख फ्लैगशिप बनाया गया है। इनके अलावा देश के अन्य अमर बलिदानियों, वीर योद्धाओं और सांस्कृतिक नायकों की गाथाओं को भी नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।
योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों से परिचित कराना है।
सांस्कृतिक विभाग का मानना है कि डिजिटल युग में रंगमंच समाज को जोड़ने और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बन सकता है। यही कारण है कि इस अभियान को केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि जनजागरण कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रचेतना महाभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रदेश के रंगकर्मियों, कलाकारों और नाट्य संस्थाओं को अवसर उपलब्ध कराना भी है। वर्षों से रंगमंच से जुड़े कलाकारों को इस अभियान के माध्यम से व्यापक मंच और दर्शक मिलने की उम्मीद है।


