योगी सरकार की नीतियों का बड़ा असर, भू-आबद्ध राज्यों में मिला प्रथम स्थान
ओवरऑल रैंकिंग में सातवें से चौथे स्थान तक हुआ ऐतिहासिक सुधार
निर्यात नीति, ओडीओपी, ट्रेड शो और अवसंरचना सुधारों ने बदली तस्वीर
योगी सरकार के प्रयासों से बढ़ी निर्यात तत्परता।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) आज न केवल तेजी से उभरता निर्यातक राज्य बन रहा है, बल्कि निर्यात को रोजगार, निवेश, क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास से जोड़ते हुए एक नए राष्ट्रीय मॉडल के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। इसका ताजा प्रमाण नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 (Export Preparedness Index—EPI 2024) है।
बुधवार को जारी रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए ओवरऑल चौथा स्थान तथा भू-आबद्ध (Landlocked) राज्यों में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्ष 2022 में प्रदेश ओवरऑल सातवें और भू-आबद्ध श्रेणी में दूसरे स्थान पर था। मात्र दो वर्षों में यह छलांग प्रदेश के निर्यात क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों और सरकार की निर्यात-प्रोत्साहन नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करने, लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, उत्पाद विविधीकरण और कारोबारी माहौल को सुगम बनाने पर विशेष बल दिया गया।
उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति, एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स सुधार, बेहतर रोड-कनेक्टिविटी और ड्राई पोर्ट जैसी पहलें निर्यात तत्परता को गति देने में निर्णायक साबित हुई हैं।
सरकार द्वारा माल भाड़ा व्यय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेलों/प्रदर्शनियों में भागीदारी, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग शुल्क, कुरियर व एयर-फ्रेट व्यय तथा निर्यात क्रेडिट गारंटी पर प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाओं ने निर्यातकों का लागत बोझ कम किया है और उन्हें वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया है।
पिछले तीन वर्षों से आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने प्रदेश के निर्यातकों को वैश्विक मंच प्रदान किया है। इसके जरिए एमएसएमई इकाइयों और पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संपर्क मिला, जिससे नए बाजार खुले और निर्यात ऑर्डरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य-प्रसंस्करण, चमड़ा, फार्मा और कृषि आधारित उत्पादों को इससे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।
चार स्तंभों और 70 संकेतकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
EPI-2024 में राज्यों का आकलन चार प्रमुख स्तंभों—निर्यात अवसंरचना, बिजनेस इकोसिस्टम, नीति एवं सुशासन और निर्यात प्रदर्शन—के अंतर्गत 13 उप-स्तंभों के 70 संकेतकों पर किया गया।
इन सभी मानकों पर उत्तर प्रदेश ने व्यापक सुधार दर्ज कराए हैं। निर्यात पोर्टफोलियो का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच, मजबूत लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम और उद्योग-अनुकूल नीतियों ने प्रदेश की स्थिति को सुदृढ़ किया है।
रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे तटीय राज्य रहे, जबकि समुद्री तट न होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का चौथे स्थान तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
समुद्री तट न होने के कारण बंदरगाहों तक माल पहुंचाने में अतिरिक्त समय और लागत लगती है, इसके बावजूद प्रदेश की यह रैंकिंग इस बात का प्रमाण है कि संरचनात्मक सुधार, नीति समर्थन और निर्यातकों की सक्रिय हैंड-होल्डिंग ने जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम दिए हैं।


