लखनऊ। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात और ईरान पर हमलों के बाद देश के कई हिस्सों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। उत्तर प्रदेश में भी एहतियातन हाई अलर्ट घोषित किया गया है। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह उच्चस्तरीय बैठक कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को त्योहारों के मद्देनजर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। बैठक के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को दोबारा अलर्ट जारी किया गया।
शिया बाहुल्य इलाकों में अतिरिक्त फोर्स
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि शिया बाहुल्य क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाए।
त्योहारों के दौरान अराजकतत्वों द्वारा हिंसक प्रदर्शन या सांप्रदायिक तनाव भड़काने की आशंका को देखते हुए संवेदनशील जिलों में विशेष गश्त बढ़ा दी गई है।
लखनऊ में प्रदर्शन, छोटे इमामबाड़े के पास जुटी भीड़
राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। रोते-बिलखते हुए लोगों ने नारेबाजी की। महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। छोटे इमामबाड़े के पास सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हुए और ईरान पर हमले की कड़ी निंदा की। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और हालात पर पैनी नजर रखी गई।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और समुदाय के लोगों से संवाद किया।
धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि एक स्वतंत्र देश पर हमला किया जाना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलों में नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
वहीं शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नक़वी ने कहा कि ईरान के नेतृत्व पर हमला पूरी दुनिया के मुसलमानों को आहत करने वाला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।
प्रशासन सख्त, हालात पर लगातार नजर
प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय कर अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।
फिलहाल प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।


