मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, प्रदेश में 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध; 15 अक्टूबर से शुरू होगा गन्ना पेराई सत्र
यूथ इंडिया संवाददाता, लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और बाजार में इसकी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश की चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक, बाजार में आपूर्ति तथा चीनी की कालाबाजारी रोकने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने और जमाखोरी अथवा कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान समय में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है। इसमें सहकारी, निगम और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों का स्टॉक शामिल है।
आंकड़ों के मुताबिक सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल तथा निजी चीनी मिलों में सबसे अधिक 150.50 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि निर्धारित नियमों के अनुसार चीनी का 30 दिन से अधिक भंडारण नहीं किया जा सकता। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जिन प्रतिष्ठानों के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने या कालाबाजारी करने की कोशिश किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यकतानुसार एस्मा के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। प्रशासन को चीनी के भंडारण और बाजार में उसकी उपलब्धता की नियमित निगरानी करने को कहा गया है, ताकि उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध होती रहे।
बैठक में प्रदेश में किसानों को किए गए गन्ना भुगतान की भी समीक्षा की गई। सरकार की ओर से बताया गया कि उत्तर प्रदेश में किसानों को रिकॉर्ड स्तर पर गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। करीब 48 लाख किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी तरह की देरी न होने देने पर जोर दिया और संबंधित अधिकारियों को भुगतान व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में आगामी गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों की भी जानकारी ली गई। प्रदेश में 15 अक्टूबर से गन्ने का पेराई सत्र शुरू होने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों में समय से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को गन्ना आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकार का जोर एक ओर जहां किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित करने पर है, वहीं दूसरी ओर चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने पर भी है।


