2023 में शुरू उत्तर प्रदेश अंतरराषट्रीय व्यापार मेले ने यूपी को दिलाई नई पहचान: शशि भूषण लाल सुशील
यूपी की आर्थिक प्रगति, तकनीकी विकास, सांस्कृतिक विरासत, निवेश, वर्ल्डक्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर व औद्योगिक विकास की साक्षी बनी दुनिया
ग्रेटर नोएडा, 29 सितंबर। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में शुरू हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) ने आर्थिक प्रगति, तकनीकी विकास, सांस्कृतिक विरासत, निवेश, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। यूपीआईटीएस-2026 के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन शशि भूषण लाल सुशील ने कहा कि “यूपी डिड इट”, यानी उत्तर प्रदेश ने कर दिखाया।
उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस में प्रदेश के कारीगरों को केवल उत्पादों की बिक्री का अवसर नहीं मिला, बल्कि देश-विदेश से आए खरीदारों से ग्राहक प्रतिक्रिया और बाजार का अनुभव भी मिला। इससे उन्हें डिजाइन और उत्पाद विकास को ग्राहक-केंद्रित बनाने तथा भविष्य में स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात करने में मदद मिलेगी। आयोजन में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्हें स्वरोजगार योजनाओं के साथ मशीनों के उपयोग और व्यवसाय संचालन की जानकारी दी गई। तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने उद्यमियों को उद्योग विस्तार तथा निर्यातकों को नए देशों और नए उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं से अवगत कराया। संबंधित विभागों के मंत्रियों ने भी इन सत्रों में समय देकर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
ओडीओसी से सामने आई यूपी की समृद्ध पाक विरासत
प्रमुख सचिव ने कहा कि यूपीआईटीएस ने उत्तर प्रदेश को स्वयं को जानने और देश-दुनिया को उत्तर प्रदेश को जानने का अवसर दिया। एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) के माध्यम से ऐसे पारंपरिक व्यंजन सामने आए, जिनके बारे में अनेक लोग पहली बार जान पाए। इससे प्रदेश की सदियों पुरानी पाक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश के खरीदारों और प्रतिनिधिमंडलों तक पहुंचाने का अवसर मिला।
एआई पर व्यावहारिक प्रयोग
एआई पर अपने विचार रखते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि मानव ने पहले शारीरिक श्रम और फिर कई अन्य कार्य मशीनों को सौंपे और अब सोचने की प्रक्रिया भी एआई को सौंपने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने इसके संतुलित उपयोग की आवश्यकता बताते हुए जानकारी दी कि उन्होंने सीएम युवा योजना के तहत मुजफ्फरनगर और बदायूं के तीन युवा उद्यमियों को एआई आधारित बिक्री सेवा से जोड़कर इसका व्यावहारिक परीक्षण शुरू कराया है। इससे पता चलेगा कि एआई उनकी बिक्री और कारोबार को बढ़ाने में कितनी मदद करता है।
यूपीआईटीएस ने उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ा
कमिश्नर उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि यूपीआईटीएस के चार संस्करणों ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, कारोबारी और निर्यात क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के साथ प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को नए बाजारों से जोड़ने का काम किया है। इस आयोजन के माध्यम से उत्पादों की बिक्री के साथ उद्यमियों को ग्राहकों की पसंद, बाजार की मांग और उत्पादों में आवश्यक बदलाव की जानकारी भी मिली, जिससे वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और पैकेजिंग में सुधार कर सकेंगे। यूपीआईटीएस में युवाओं और नए उद्यमियों को स्वरोजगार, उद्योग संचालन और तकनीक के माध्यम से कारोबार विस्तार की जानकारी मिली। तकनीकी सत्रों और विशेषज्ञों के संवाद से निर्यात एवं कारोबार बढ़ाने के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक खान-पान और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया गया। यूपीआईटीएस केवल व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रदेश के उत्पादों, उद्यमिता, कौशल और नवाचार को वैश्विक बाजार से जोड़ने वाला मंच बन चुका है।
सीएम योगी ने लगातार की समीक्षा बैठकें: राकेश कुमार
इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के चेयरमैन राकेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो अब प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और बुनकरों को देश-दुनिया के खरीदारों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। यूपीआईटीएस के चौथे संस्करण की सफलता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरंतर दिशा-निर्देशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति तथा प्रदेश के मंत्रियों भूपेंद्र चौधरी, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के सहयोग की भी सराहना की। राकेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश की वस्त्र एवं हस्तशिल्प परंपरा प्रदेश की पहचान और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ी है। एक जनपद-एक उत्पाद योजना ने स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के नेतृत्व में वस्त्र क्षेत्र में हो रहे प्रयासों तथा ‘भारत टेक्स’ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन’ के विजन के अनुरूप भारत का वस्त्र उद्योग उत्पादन से निर्यात तक पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यूपीआईटीएस उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, हस्तशिल्प और उद्यमिता क्षमता को वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।


