लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को हुई तेज बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बना अंडरपास कई फीट पानी में डूब गया और देखते ही देखते स्विमिंग पूल में तब्दील हो गया। दोपहर करीब 2 बजे से शाम 7 बजे तक 100 से ज्यादा वाहन पानी में फंसे रहे। कई कारों और दोपहिया वाहनों के इंजन में पानी भरने से वे बंद हो गए।
अंडरपास में फंसे राहुल ने बताया कि वह करीब 23 लाख रुपये की क्रेटा कार से परिवार के साथ गुजर रहे थे। अचानक पानी में कार बंद हो गई और वाहन का चैंबर फट गया। उनके मुताबिक करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अंडरपास में पानी भरा होने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक पानी इतना अधिक था कि कई कारें तैरती हुई नजर आईं। तेज बहाव के कारण एक कार की दिशा तक बदल गई। बाइक सवार भी जलभराव में गिरते दिखाई दिए। कई वाहन चालकों को अपनी गाड़ियां धक्का देकर बाहर निकालनी पड़ीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई घंटे तक लोग मदद का इंतजार करते रहे।
कबाड़ का काम करने वाले मोइनुद्दीन ने बताया कि उन्होंने पानी से करीब 250 चार पहिया और दोपहिया वाहनों की नंबर प्लेटें निकालीं। लोगों का कहना था कि जलभराव के दौरान नगर निगम और प्रशासन की पर्याप्त मौजूदगी नजर नहीं आई। वहीं, कई वाहन पानी में फंसने के बाद घंटों तक सड़क पर खड़े रहे।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर महेश वर्मा ने बताया कि जलभराव की समस्या दूर करने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से नया नाला बनाने की योजना तैयार की गई है। करीब एक किलोमीटर लंबे इस नाले को मरीन ड्राइव अंडरपास से पंपिंग स्टेशन अंडरपास (जी-20 रोड) तक बनाया जाना प्रस्तावित है। नगर निगम का कहना है कि नाला बनने के बाद बारिश के पानी की निकासी बेहतर होगी और जलभराव की समस्या कम होगी।


