बदायूं जिले के सहसवान क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी पैथालॉजी लैब की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। बस स्टैंड के पास स्थित लैब में कराए गए अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में एक पुरुष मरीज के पेट में ‘बच्चेदानी’ (यूट्रस) दिखा दी गई, जिसे देखकर डॉक्टर और परिजन दोनों हैरान रह गए।
जानकारी के अनुसार, सहसवान के समसपुर निवासी नेम सिंह पेट दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे थे। चिकित्सक की सलाह पर उन्होंने पास की एक निजी पैथालॉजी में अल्ट्रासाउंड जांच कराई। लेकिन जब रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें ऐसी जानकारी दर्ज थी जो चिकित्सा विज्ञान के अनुसार संभव ही नहीं है—एक पुरुष के शरीर में बच्चेदानी का होना।
रिपोर्ट लेकर जब नेम सिंह दहगवां के सरकारी अस्पताल पहुंचे, तो वहां मौजूद डॉक्टर भी इसे देखकर चौंक गए। डॉक्टरों ने तुरंत इसे गंभीर मामला मानते हुए मरीज को उच्च स्तर के अस्पताल—जिला अस्पताल या दिल्ली में जांच कराने की सलाह दी। इस दौरान मरीज और उनके परिवार में काफी घबराहट का माहौल रहा।
चिकित्सकों का कहना है कि यह या तो मशीन की तकनीकी खराबी का मामला हो सकता है या फिर रिपोर्ट तैयार करने में भारी लापरवाही हुई है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि किसी पुरुष के शरीर में बच्चेदानी होना जैविक रूप से असंभव है, इसलिए यह मामला जांच का विषय है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीमोहन झा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। साथ ही, जिस पैथालॉजी लैब से यह रिपोर्ट जारी हुई है, उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। इस घटना के बाद इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।


