वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताने वाला एक मैप सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ अकाउंट पर साझा ग्राफिक के ऊपर ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ लिखा। मैप में होर्मुज स्ट्रेट के साथ ईरान, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के समुद्री क्षेत्र भी दिखाई दे रहे हैं।
ट्रंप के पोस्ट पर ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना महज एक गलतफहमी है और ट्रंप को जल्द समझ आ जाएगा कि इस समुद्री मार्ग पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है होर्मुज
होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और गैस के बड़े हिस्से की आवाजाही इसी रास्ते से होती है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यह समुद्री मार्ग किसी एक देश की निजी संपत्ति नहीं है। ऐसे में ट्रंप का मैप अमेरिका को यहां कोई नया कानूनी अधिकार नहीं देता।
होर्मुज का उत्तरी हिस्सा ईरान और दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से जुड़ा है। दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से यह मार्ग बेहद अहम माना जाता है। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों की ऊर्जा जरूरतें इस समुद्री रास्ते से होने वाली आपूर्ति पर निर्भर हैं।
‘फारस की खाड़ी’ नाम पर भी विवाद
ईरान के उप विदेश मंत्री ने ट्रंप को ‘फारस की खाड़ी’ के नाम को लेकर उनके पुराने बयान की भी याद दिलाई। ट्रंप पहले इसे ‘अरब की खाड़ी’ कहने का सुझाव दे चुके हैं, जिस पर ईरान ने कड़ा विरोध जताया था। अब ट्रंप द्वारा अपने पोस्ट में ‘फारस की खाड़ी’ नाम इस्तेमाल किए जाने पर गरीबाबादी ने तंज कसते हुए कहा कि उम्मीद है ट्रंप यह भी समझेंगे कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका का इलाका नहीं है।
होर्मुज स्ट्रेट की रणनीतिक अहमियत के कारण अमेरिका समेत कई देश यहां नौसैनिक गतिविधियां बनाए रखते हैं। इस क्षेत्र को लेकर किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।


