मंत्री जयवीर सिंह ने दिए गुणवत्ता के सख्त निर्देश, करोड़ों की परियोजनाओं का शिलान्यास
मैनपुरी। जनपद को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शनिवार को फतेहजंगपुर स्थित शंकर जी महाराज मंदिर परिसर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री जयवीर सिंह ने पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्यों की शुरुआत की, जिनमें शंकर जी महाराज मंदिर (फतेहजंगपुर), श्री हनुमान जी मंदिर (जखौआ), श्री नैनसुख महाराज मंदिर (चदरपुर सिढ़पुरा), बजरंगबली हनुमान मंदिर (खिरनाखुर्द) तथा ब्रह्मदेव महाराज मंदिर (ढिबईया) शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे इन धार्मिक स्थलों का न केवल सौंदर्यीकरण होगा बल्कि श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में भी व्यापक सुधार होगा।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि केंद्र में Narendra Modi और प्रदेश में Yogi Adityanath के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार” ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित एवं विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग प्रदेश के विभिन्न जिलों में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विकसित कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य कर रहा है।
मंत्री ने जानकारी दी कि केवल पर्यटन विभाग के माध्यम से ही मैनपुरी जनपद में लगभग 200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत होकर धरातल पर उतर रही हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने “टेम्पल इकोनॉमी” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक पर्यटन से जुड़े कार्यों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा।
मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी जरूरी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आम जनता से भी अपील की कि वे इन परियोजनाओं पर नजर बनाए रखें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
इस अवसर पर उन्होंने निर्माणाधीन म्यूजियम का भी उल्लेख किया, जिसमें मैनपुरी के ऋषि-मुनियों, संतों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने प्रदेश की बेहतर होती कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेश और पर्यटन के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक राज्य बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद मैनपुरी न केवल धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर उभरेगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।


