– एडीजे प्रथम शैली रॉय का फैसला, 31 जनवरी को सुनाई जाएगी सजा
फर्रुखाबाद: 14 वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या (murder) के मामले में फर्रुखाबाद की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) शैली रॉय ने अहम फैसला सुनाते हुए पिता-पुत्र सहित तीन अभियुक्तों को दोषी (guilty) करार दिया है। दोष सिद्ध होने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अदालत द्वारा दोषियों को 31 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
यह मामला मेरापुर थाना क्षेत्र के पुनपालपुर गांव का है। गांव निवासी श्रीकृष्ण ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 25 मई 2011 की शाम मोबाइल चोरी के विवाद को लेकर श्रीकृष्ण की अनूप कुमार उर्फ अमित कुमार, रोहिताश और पातीराम से कहासुनी हुई थी।
आरोप है कि उसी दिन शाम करीब छह बजे पातीराम और उसके पुत्रों ने श्रीकृष्ण पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने घायल को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान तीसरे दिन उसकी मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने प्रारंभ में मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन मौत के बाद गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाते हुए विवेचना की गई। विवेचक द्वारा जांच पूरी कर तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनूप कुमार उर्फ अमित कुमार, रोहिताश और पातीराम को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया।
न्यायाधीश शैली रॉय ने अभियोजन पक्ष के साक्षी रामकिशन, सुदामा और सुरबाला द्वारा अदालत में बयान बदलने पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए तीनों गवाहों के खिलाफ धारा 344 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत आपराधिक कार्यवाही के आदेश भी जारी किए हैं।
फिलहाल तीनों दोषी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं और 31 जनवरी को सजा का ऐलान किया जाएगा।


