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Sunday, October 11, 2026

योगी सरकार किसानों की मदद को आगे आई, आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में मिलेगी राहत

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किसानों के आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करें वन विभाग व संबंधित अधिकारी: मुख्यमंत्री

सड़क पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाने का निर्देश, गिरे पेड़ों की लकड़ी के परिवहन के लिए जारी होंगे ट्रांजिट परमिट

किसानों को मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न से बचाएं अधिकारी, डीएम-डीएफओ करेंगे निगरानी

लखनऊ, 11 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में सितंबर-अक्टूबर महीने में चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और अतिवृष्टि से कई स्थानों पर किसानों के खेतों व निजी भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़ों के उखड़ने और गिरने की घटनाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों को राहत देने और गिरे हुए वृक्षों का नियमानुसार तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों (डीएफओ) और उत्तर प्रदेश वन निगम को निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों के आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि निजी भूमि और खेतों में गिरे पेड़ों को हटाने व उनके निस्तारण के लिए किसानों की ओर से दिए जाने वाले आवेदनों पर वन विभाग और उत्तर प्रदेश वन निगम तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करें। आवेदनों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो, ताकि प्रभावित किसान जल्द राहत प्राप्त कर सकें। गिरे हुए पेड़ों की लकड़ी के परिवहन और निस्तारण में किसानों को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक अभिवहन अनुज्ञा पत्र (ट्रांजिट परमिट) प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं। परमिट जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित वन नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी भूमि पर गिरे वृक्षों की लकड़ी के निस्तारण में अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

सड़कों पर गिरे पेड़ तत्काल हटाए जाएं
सीएम योगी के निर्देशानुसार, तेज आंधी और तूफान के कारण सार्वजनिक मार्गों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाया जाए। मार्ग अवरोधों का शीघ्र समाधान किया जाए, जिससे यातायात सुचारु बना रहे और आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और प्रभागीय वनाधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित किसानों को पेड़ों के निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के मानसिक या आर्थिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

पारदर्शिता से होगा गिरे पेड़ों का निस्तारण
मुख्यमंत्री ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया है। गिरे हुए वृक्षों को हटाने और उनके निस्तारण से संबंधित सभी कार्य निर्धारित वन नियमों के अनुसार किए जाएंगे। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

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