संभल: असमोली थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर सलारपुर उर्फ हाजीपुर में प्रशासन (administration) ने अवैध निर्माण हटाने के लिए कार्रवाई की, लेकिन इससे पहले ही एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों ने मस्जिद (mosque) को स्वयं हथौड़े से तोड़ दिया, जिससे प्रशासन को अप्रत्याशित रूप से राहत मिली।
रविवार सुबह प्रशासनिक टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और मस्जिद से कुछ दूरी पर स्थित मदरसे को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान मौके पर जिलाधिकारी संभल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौजूद रहे। पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से और नियमानुसार पूरी हो।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि मस्जिद की जमीन पर अब 20 गरीब और जरूरतमंद लोगों को पट्टा दिया गया है। मदरसे को लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है और प्रशासन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानून और नियमों के अनुसार हो रही है। फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह से सामान्य बनी हुई है और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना नहीं दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी मुतवल्ली हाजी शमीम पर आरोप है कि उन्होंने करीब पौने चार बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पहले मदरसे और बाद में लगभग दस वर्ष पहले मस्जिद का निर्माण किया। शिकायत मिलने के बाद 14 जून 2018 को इस अवैध निर्माण की आख्या प्रशासन को दी गई थी। जांच और साक्ष्यों के आधार पर 2 सितंबर 2025 को पुष्टि हुई कि मस्जिद और मदरसा वास्तव में सरकारी जमीन पर बने हैं।
इसके बाद तहसीलदार और न्यायालय की ओर से मुतवल्ली पर 7.78 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और मस्जिद तथा मदरसे को हटाने के निर्देश दिए गए। बावजूद इसके, निर्माण नहीं हटाया गया और प्रशासन ने 3 जनवरी 2026 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश जारी किया। अवकाश और अन्य कारणों से कार्रवाई में कुछ विलंब हुआ, लेकिन अंततः मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही मस्जिद तोड़ दी, जिससे प्रशासन की प्रक्रिया आसान हो गई।
इसके अलावा, संभल शहर के शंकर चौराहे के पास मल्लक शाह बाबा के कब्रिस्तान में भी अवैध कब्जे और निर्माण का मामला सामने आया है। मोहल्ला चमन सराय निवासी मोहम्मद असलम ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि कब्रिस्तान को कब्जा मुक्त कराया जाए। उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान के दस्तावेजों में कोई निर्माण दर्ज नहीं है, लेकिन वर्तमान में वहां लगातार निर्माण और अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से जांच कराकर कब्जा हटाने की मांग की है।
प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानूनी रूप से पूरी तरह से पारदर्शी और नियमानुसार की जा रही है। इलाके में फिलहाल सामाजिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।


