प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम भी लटकी
लखनऊ
प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। योगी सरकार में शामिल किए गए नए मंत्रियों और पदोन्नति पाए चेहरों को अब तक विभाग नहीं मिल पाए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ अहम मंत्रालयों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व के बीच सहमति नहीं बन सकी है, जिसके चलते पूरा मामला फिलहाल अधर में लटक गया है।
सूत्रों के मुताबिक 10 मई को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से ही विभागों के बंटवारे को लेकर कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन मामला किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सका। दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से हुई मुलाकात के बाद उम्मीद थी कि जल्द विभागों का ऐलान होगा, लेकिन अंदरूनी समीकरणों और शक्ति संतुलन की लड़ाई के चलते फैसला टल गया।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद ही इस गुत्थी के सुलझने की संभावना जताई जा रही है। वहीं सोमवार को रायपुर में होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के दौरान अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच एक और अहम मुलाकात हो सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसी बैठक में विभागों के बंटवारे का अंतिम फार्मूला तय किया जा सकता है।
मंत्रियों के विभागों का मामला अटकने का असर भाजपा संगठन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम की घोषणा, निगमों और बोर्डों में नियुक्तियां, यहां तक कि दर्जा प्राप्त मंत्रियों की सूची तक फिलहाल रोक दी गई है। बताया जा रहा है कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल बैठाने के लिए तैयार पूरी सूची फिलहाल फाइलों में दबाकर रख दी गई है।
भाजपा के अंदर चल रही इस खींचतान ने विपक्ष को भी हमला बोलने का मौका दे दिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पहले ही तंज कस चुके हैं कि नए मंत्रियों को विभाग “ऊपर से आने वाली पर्ची” के आधार पर दिए जाएंगे। अब विभागों के बंटवारे में लगातार हो रही देरी ने इन राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
प्रदेश की राजनीति में यह देरी सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि सत्ता और संगठन के बीच चल रहे शक्ति संतुलन की बड़ी लड़ाई के रूप में देखी जा रही है। अब सबकी नजरें 20 मई के बाद होने वाले फैसलों पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि योगी सरकार में किस मंत्री को कितना बड़ा विभाग मिलता है और भाजपा संगठन में किसे कितना महत्व।


