शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें
मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान : सांसद
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार योगी आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा पुरस्कृत शिक्षकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम गोरखपुर में आयोजित किया गया।उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण एवं जनपद स्तर पर “शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम”का आयोजन जिलाधिकारी डॉ.अंकुर लाठर की अध्यक्षता एवं सांसद मुकेश राजपूत के मुख्य आतिथ्य मेंकलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में किया गया।इस अवसर पर प्रशासक जिला पंचायत श्रीमती मोनिका यादव,विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य एवं विधायक भोजपुर नागेन्द्र सिंह राठौर की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में सर्वप्रथम गोरखपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत संबोधन को कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों द्वारा गंभीरतापूर्वक सुना गया।”शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम”में जिलाधिकारी डॉ.अंकुर लाठर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत में प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन देश के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में मनाया जाता है। हम सभी शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन करते हैं।आज के समय में शिक्षक के लिए शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं,बल्कि भारत के व्यक्तित्व को तराशने का एक सुअवसर है, जिसकी पात्रता सभी नागरिकों को प्राप्त नहीं होती है।उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के हस्ताक्षर से आदेश लागू हो सकता है,एक जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर से योजना लागू हो सकती है,परंतु एक शिक्षक अपने हस्ताक्षर से परीक्षाफल में अंक प्रदान करता है तो एक भावी पीढ़ी में उन्नति कारक परिवर्तन होता है। जिला प्रशासन द्वारा कायाकल्प योजना के तहत 19 पैरामीटर पर निरंतर विद्यालयों में कार्य किया जा रहा है,लेकिन एक विद्यार्थी एवं विद्यालय की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व से होती है। शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत एवं लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान है।शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें,जिससे वह आधुनिक तकनीक का प्रयोग स्वयं के मानवीय विकास एवं राष्ट्र की उन्नति में कर सकें।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद मुकेश राजपूत ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान है।बच्चों का उज्जवल भविष्य शिक्षकों की कार्यशैली पर निर्भर करता है।परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षक भी अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाएं,जिससे शिक्षा व्यवस्था आमजनमानस की दृष्टि में और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके।राष्ट्र को विकसित बनाना प्रत्येक नागरिक का हम कर्तव्य है,इसलिए सभी नागरिक चाहे वह किसी भी विधा एवं क्षेत्र में कार्यरत हों अपने दायित्वों का निर्वहन लगन एवं उत्साह के साथ पूर्ण करें।कार्यक्रम में विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य,विधायक भोजपुर नागेन्द्र सिंह राठौर,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोनिका यादव ने भी संबोधित किया।शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में जनपद के परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अन्य अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया।जनपद स्तर पर आयोजित”शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम” में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि फर्रुखाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1576 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिसमें 13 परिषदीय विद्यालय पी0एम0श्री0 योजना से आच्छादित हैं, जिनमें 147515 छात्र/छात्राएं अध्यनरत हैं एवं समस्त विद्यालयों में कुल 6269 (1496 शिक्षक, 1542 शिक्षामित्र एवं 231 अनुदेशक) कार्यरत हैं। जनपद में दो विद्यालय मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे हैं।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक गण उपस्थित रहे।


