शाहजहांपुर। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 की तैयारियों के क्रम में आयोजित तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 104 फील्ड ट्रेनर प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें से प्रथम चरण में 80 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण दो बैचों (प्रत्येक में 40 प्रतिभागी) में 19, 20 एवं 21 मार्च को आयोजित किया गया। शेष 24 फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण 23, 24 एवं 25 मार्च को आयोजित किया जाएगा।
आज प्रशिक्षण के तीसरे एवं अंतिम दिन कार्यक्रम में जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना कार्य में एनुमरेटर एवं सुपरवाइजर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एनुमरेटर एवं सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भ्रमण कर कार्य का सूक्ष्म निरीक्षण सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र अपने आप में एक स्वतंत्र चार्ज के रूप में कार्य करेगा।
उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि यदि फील्ड ट्रेनर स्वयं प्रशिक्षण को गंभीरता एवं दक्षता के साथ नहीं लेंगे, तो आगे एनुमरेटरों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण में त्रुटियां आ सकती हैं, जिससे संपूर्ण कार्य प्रभावित होगा। अतः सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को पूरी निष्ठा एवं ध्यानपूर्वक ग्रहण करने का आह्वान किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी, इसलिए तकनीकी जानकारी का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि जनगणना निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रशिक्षण से संबंधित वीडियो एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध है, जिसका उपयोग कर वे अपनी जानकारी को और सुदृढ़ कर सकते हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी फील्ड ट्रेनरों का एक साझा ग्रुप बनाया जाए, जिसमें कार्य से संबंधित समस्याएं एवं आवश्यक सूचनाएं साझा की जा सकें। साथ ही, फील्ड ट्रेनरों को अपने सुविधा अनुसार दो-दो के समूह बनाकर कार्य करने तथा अपने अनुकूल तहसील क्षेत्र का चयन करने की अनुमति प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि एनुमरेटर का प्रशिक्षण 1 से 15 अप्रैल के मध्य पूरा कराया जाएगा और 15 से 30 अप्रैल तक का समय प्रशिक्षण के पश्चात कार्य की समझ अभ्यास को निर्धारित करेगा।
उन्होंने कार्य को प्रारंभिक चरण में तेजी से पूर्ण करने पर बल देते हुए कहा कि इससे शेष समय में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समाधान करने में सुविधा होगी। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी द्वारा सभी फील्ड ट्रेनरों को शुभकामनाएं प्रदान की गईं तथा उन्हें नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।


