प्रयागराज। नोएडा मजदूर प्रदर्शन मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बुधवार को कोर्ट ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जारी हिरासत आदेश रद्द कर दिया।
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की पीठ ने कहा कि आकृति की हिरासत राज्य सरकार की ओर से पेश की गई “गढ़ी हुई कहानी” पर आधारित थी। कोर्ट ने आदेश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
कोर्ट ने आकृति को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया। यह रकम नोएडा की तत्कालीन जिलाधिकारी मेधा रूपम के वेतन से देने को कहा गया है।
मामला 13 अप्रैल को नोएडा में हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस ने आकृति पर सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाने के आरोप लगाए थे। उन्हें 11 अप्रैल को नोएडा के बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि हिंसा 13 अप्रैल को हुई तो 11 अप्रैल को आकृति ने किस हिंसा के लिए लोगों को उकसाया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड से ऐसा लगता है कि पहले गिरफ्तारी हुई और बाद में नोटिस की कार्रवाई की गई।
सरकार से आकृति के खिलाफ हिंसा भड़काने के वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी मांगे गए थे। इसी मामले में पत्रकार सत्यम वर्मा पर भी NSA के तहत कार्रवाई हुई थी। हाईकोर्ट के फैसले से सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।


