नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान दितवाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचा दी है। अब तक कम से कम 69 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई इलाकों में भारी नुकसान दर्ज किया गया है। तूफान के असर के चलते श्रीलंका में बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होने से करीब 300 भारतीय यात्री पिछले तीन दिनों से कोलंबो के बंदरनायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। इनमें लगभग 150 यात्री तमिलनाडु के बताए जा रहे हैं।
फंसे यात्रियों ने आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट पर खराब मौसम और संचालन ठप होने के कारण उन्हें खाना, पानी और अन्य बेसिक सुविधाएं भी ठीक से उपलब्ध नहीं हो रही हैं। हालात बिगड़ते देख तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य के पब्लिक डिपार्टमेंट के सचिव को निर्देश दिया कि वे कोलंबो स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें। तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से फंसे यात्रियों के लिए तत्काल मदद भेजने की अपील भी की है।
तूफान से हुई तबाही को देखते हुए भारत ने श्रीलंका को मानवीय सहायता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आपातकालीन राहत भेजने की पुष्टि की है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि दितवाह अब भारत की ओर बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों में उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र के तटों के करीब पहुंच जाएगा।
IMD के अनुसार, तटों पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। तटीय इलाकों में प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं और लोगों को समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।




