जिला, रेंज और जोन स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश; धर्म परिवर्तन, गोहत्या और गो-तस्करी के मामलों पर विशेष नजर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने प्रदेश में अपराधों की प्रभावी निगरानी और रोकथाम के लिए जिला, रेंज और जोन स्तर पर विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपराधों की रोजाना समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है।
डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान पुलिस कमिश्नर, अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), पुलिस कप्तान और क्षेत्राधिकारी (सीओ) मौजूद रहे।
राजीव कृष्ण ने धर्म परिवर्तन और लव जिहाद से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे मामलों में समय रहते जानकारी जुटाने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
इसके साथ ही गोहत्या और गो-तस्करी के मामलों में भी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक में डीजीपी ने यक्ष एप और लंबित विवेचनाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर विवेचनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी जानकारी ली और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय निगरानी और सूचना तंत्र के माध्यम से अपराध की संभावनाओं पर पहले से नजर रखी जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी जुड़े रहे। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


