प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर गुस्सा भड़का, व्यापारियों ने सरकार से हटाने की मांग की
मेरठ
स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापारियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ऊर्जा भवन के सामने जोरदार नारेबाजी भी हुई।
न्यू मोहनपुरी स्थित कार्यालय से शुरू हुई इस विरोध रैली में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। हाथों में स्मार्ट मीटर विरोधी स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर व्यापारियों ने शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए ऊर्जा भवन तक मार्च किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह विरोध और नारों से गूंजता रहा।
ऊर्जा भवन पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और बढ़ गया। यहां व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर के पुतले को आग के हवाले कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से व्यापारियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है और बिजली व्यवस्था में अनियमितताएं बढ़ रही हैं।
व्यापारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली आपूर्ति और बिलिंग व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि कई जगह सर्वर की दिक्कत और कनेक्शन जुड़ने में देरी के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जब तक स्मार्ट मीटर हटाए नहीं जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इसे व्यापारियों के लिए उत्पीड़न का कारण बताया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा गया, जिसमें स्मार्ट मीटर को उपभोक्ता की सहमति से लगाने, 5 साल की गारंटी, तुरंत शिकायत निवारण प्रणाली और बेहतर पोर्टल व्यवस्था जैसी मांगें शामिल थीं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


