दिल्ली। संसद के मकर द्वार पर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सपा सांसद हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर मणिकर्णिका घाट से जुड़े मामले को लेकर विरोध दर्ज कराने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान अहिल्याबाई की प्रतिमा तोड़े जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
सपा सांसदों ने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतिमा को तोड़ना न केवल ऐतिहासिक विरासत का अपमान है, बल्कि सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम भी है।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि देश में लगातार हमारी पुरानी पहचान और विरासत को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास और परंपराओं के साथ छेड़छाड़ कर समाज को बांटने का काम किया जा रहा है।
रामगोपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस तरह की घटनाओं का विरोध करती रहेगी और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए संसद से सड़क तक संघर्ष जारी रहेगा। सपा सांसदों ने मांग की कि मणिकर्णिका घाट प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान सपा सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





