चढ़ावा विवाद के बाद न्यास में बड़ा फेरबदल, तीन नए न्यासी भी नियुक्त
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने बुधवार को राम मंदिर की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया। पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। वहीं अब तक कोषाध्यक्ष रहे गोविंद देव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ तीन नए न्यासी भी नियुक्त किए गए हैं। चढ़ावे की कथित चोरी के विवाद के बाद हुए इन बदलावों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वायुसेना में 39 साल का अनुभव: जीतेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में सेवा शुरू की थी। करीब 39 साल की सेवा के बाद 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया। इसके लिए उन्हें सर्वोच्च युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। देवरिया, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले मिश्रा अब मंदिर की रोजमर्रा की विशाल व्यवस्था संभालेंगे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अधीन मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा, श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन, कर्मचारियों, चढ़ावे और निर्माण कार्यों की निगरानी होगी। उनके साथ अभियंताओं, वित्तीय विशेषज्ञों और करीब 1,500 से 2,000 कर्मचारियों की टीम काम करेगी।
गोविंद देव गिरि को मिला बड़ा दायित्व
गोविंद देव गिरि न्यास बनने यानी 5 फरवरी 2020 से कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मंदिर की वित्तीय व्यवस्था और चढ़ावे से जुड़े काम का उन्हें लंबा अनुभव है। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 दिवसीय अनुष्ठान में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरि कई भाषाओं के जानकार हैं। वह मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि न्यास के उपाध्यक्ष भी हैं और 29 राज्यों में 37 वेद विद्यालय चलाने की जानकारी दी गई है। चढ़ावा विवाद के बाद गिनती व्यवस्था में बिना जेब वाली वर्दी, मोबाइल-थैला प्रतिबंध और कैमरों से निगरानी जैसे कदम भी सख्त किए गए।
5,538 आवेदनों में से चुने गए मिश्रा
मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए 5,538 आवेदन आए थे। इनमें से 16 लोगों के 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में साक्षात्कार हुए। तीन नाम न्यास के सामने रखे गए, जिनमें मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज शामिल थे। मिश्रा का चयन सर्वसम्मति से हुआ।
तीन नए न्यासी
दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव को नया न्यासी बनाया गया है। पांडेय राम जन्मभूमि विवाद में रामलला की ओर से पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। डॉ. निर्मला यादव न्यास की पहली महिला न्यासी होंगी।
चढ़ावा विवाद के बाद बड़ा बदलाव
7 जून को चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। 23 जून को विशेष जांच दल ने प्रारंभिक रिपोर्ट दी और 25 जून को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया था।
न्यास के पास 1,876 करोड़ रुपये
न्यास के अनुसार तीन बैंकों में करीब 1,876 करोड़ रुपये जमा हैं। मंदिर निर्माण के लिए 3,264 करोड़ रुपये की समर्पण निधि मिली थी। करीब 2,370 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च किए गए। मंदिर को अब तक करीब 32 किलो सोना और 1,518 किलो चांदी मिलने की जानकारी भी दी गई है।
अब पूर्व एयर मार्शल का सैन्य प्रशासनिक अनुभव और गोविंद देव गिरि का धार्मिक-प्रशासनिक अनुभव राम मंदिर की व्यवस्था को नई दिशा देगा। सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की व्यवस्था के साथ सुरक्षा, चढ़ावे और वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना होगी।


