कासगंज। जिले में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए अप्रैल माह में प्रगणक और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले शिक्षकों की सूची प्रशासन को सौंप दी गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस बार जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी, जिसमें पहले चरण में मकानों की गणना और दूसरे चरण में लोगों की गिनती की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुगम और आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल माध्यम का भी सहारा लिया जाएगा। सरकार द्वारा लोगों को स्वयं गणना यानी सेल्फ इन्यूमरेशन का विकल्प भी प्रदान किया जाएगा। इसके तहत नागरिक मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा 7 मई से 21 मई तक उपलब्ध रहेगी। इससे न केवल प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि फील्ड कर्मचारियों पर कार्यभार भी कम होगा। वहीं जिन लोगों के पास इंटरनेट या मोबाइल की सुविधा नहीं है, उनके लिए प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
पहले चरण के तहत 22 मई से 20 जून तक मकानों की गणना की जाएगी। इस दौरान मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, उपलब्ध सुविधाएं और परिवार की परिसंपत्तियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और प्रवास से जुड़ी जानकारियां एकत्र की जाएंगी।
जनगणना के दौरान कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें भवन और मकान संख्या, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और लिंग, जातीय वर्ग, मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या, पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, रसोईघर, एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल फोन, वाहन और अन्य घरेलू संसाधनों से संबंधित प्रश्न शामिल रहेंगे। इसके अलावा परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य ईंधन और उपभोग की वस्तुओं की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
एडीएम दिग्विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जनगणना की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और करीब 3000 प्रगणक एवं सुपरवाइजर इस कार्य में लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से सरकार को योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में सटीक आंकड़े प्राप्त होते हैं, इसलिए इसे पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराया जाएगा।


