नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी ) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि देश में युवाओं से जुड़े वास्तविक मुद्दों को उठाने में पारंपरिक राजनीति पूरी तरह विफल रही है। भारत समाचार से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर राजनीतिक दलों ने गंभीरता नहीं दिखाई।
आशुतोष रांका ने कहा कि सीजेपी का आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई के लिए था। उन्होंने कहा, “युवाओं के वास्तविक मुद्दे उठाने में राजनीति पूरी तरह फेल रही है। जब व्यवस्था छात्रों की आवाज नहीं सुनती, तब युवाओं को खुद आगे आकर अपनी लड़ाई लड़नी पड़ती है।”
उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और रोजगार के सीमित अवसरों ने युवाओं में गहरी निराशा पैदा की है। ऐसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष दोनों को ठोस पहल करनी चाहिए।
रांका ने कहा कि सीजेपी आने वाले समय में युवाओं से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों को और मजबूती से उठाएगी। संगठन की अगली रणनीति पर काम चल रहा है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त हुआ है, लेकिन युवाओं के अधिकारों की लड़ाई अभी जारी रहेगी।
उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं और शिक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।


