मेरठ। पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल उठ गया है। यहां थाना भावनपुर के दारोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला तब सामने आया जब पुलिस उत्पीड़न से परेशान एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार, मुबारिकपुर स्याल निवासी पुष्पेंद्र नागर, जो टीपी नगर में ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं, सोमवार की रात कार से घर लौट रहे थे, तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे 20 हजार रुपये लूट लिए। पुष्पेंद्र ने लूट की शिकायत थाना भावनपुर में दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने शिकायत की बजाय उन्हें हिरासत में रखकर पीटा और उनके दो मोबाइल व कार कब्जे में ले लिए।
घटना के बाद सोमवार की रात रिहा किए जाने के बाद मंगलवार सुबह पुष्पेंद्र ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
इस गंभीर मामले के बाद मेरठ एसएसपी विपिन टाडा ने तुरंत थाना प्रभारी को सस्पेंड किया और दारोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। एसएसपी ने कहा कि “थाने में किसी भी नागरिक के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
घटना ने मेरठ पुलिस की कार्यक्षमता और नागरिक सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल जांच जारी है और वरिष्ठ अधिकारी मामले की गंभीरता से निगरानी कर रहे हैं।


