नई दिल्ली: पंजाब नैशनल बैंक की सहायक कंपनी तथा एक स्वतंत्र प्राथमिक डीलर पीएनबी गिल्ट्स लिमिटेड ने अपना 30वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर कंपनी ने भारतीय ऋण बाज़ार तथा सरकारी प्रतिभूति पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में अपने तीन दशकों के उल्लेखनीय योगदान का स्मरण किया। वर्ष 1996 में स्थापित पीएनबी गिल्ट्स ने सरकारी प्रतिभूतियों, ट्रेज़री समाधान, बाज़ार निर्माण अभिग्रहण तथा ऋण पूंजी बाज़ार सेवाओं में अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से भारत के स्थिर आय बाज़ार को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में श्री अशोक चंद्र (प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, पंजाब नैशनल बैंक), श्री पारीद सुनील (प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, पीएनबी गिल्ट्स), निदेशक मंडल के सदस्य, वरिष्ठ प्रबंधन, कर्मचारीगण तथा अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
पीएनबी गिल्ट्स की विकास यात्रा उसकी सुदृढ़ वित्तीय स्थिति एवं बाज़ार नेतृत्व को प्रतिबिंबित करती है। कंपनी की कुल निवल संपत्ति लगभग ₹1,700 करोड़ तक पहुँच चुकी है। ऋण पूंजी बाज़ार व्यवसाय में कंपनी ने शीर्ष 10 में स्थान प्राप्त किया है तथा हाल ही में स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होने के 25 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 1997 से वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने अपनी दीर्घकालिक स्वामित्व निधि में लगभग 13 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है, जो इसकी सतत वित्तीय मजबूती एवं अनुशासित विकास का प्रमाण है।
“पीएनबी गिल्ट्स की 30 वर्षों की यात्रा उत्कृष्टता, दृढ़ता तथा ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। देश के अग्रणी प्राथमिक डीलरों में से एक के रूप में कंपनी ने सरकारी प्रतिभूति बाज़ार के विकास तथा भारत की वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पीएनबी गिल्ट्स ने नवाचार, सुदृढ़ कॉर्पोरेट प्रशासन तथा विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन को निरंतर अपनाते हुए अपने सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य का सृजन किया है।”
वर्षों के दौरान पीएनबी गिल्ट्स ने प्रौद्योगिकी में निरंतर निवेश, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, जोखिम प्रबंधन प्रणालियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सतत विकास संबंधी पहलों को बढ़ावा देकर एक विविधीकृत व्यावसायिक आधार विकसित किया है।


