नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पंजाब के अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पहुंच गई है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पहुंचने से पहले ही पाठक अपने आवास से निकल चुके थे।
जानकारी के मुताबिक, संदीप पाठक ने 25 अप्रैल 2026 को भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। उनके साथ राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत साहनी, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल सहित कई प्रमुख चेहरे भी भाजपा में शामिल हुए थे। इस सामूहिक दल-बदल से पंजाब और दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई थी।
संदीप पाठक को अरविंद केजरीवाल का करीबी और रणनीतिकार माना जाता रहा है। पार्टी के भीतर उन्हें “चाणक्य” की संज्ञा दी जाती थी। जब केजरीवाल जेल में थे, तब सीमित लोगों को ही उनसे मिलने की अनुमति थी, जिनमें पाठक भी शामिल थे। पंजाब विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीति को पार्टी की ऐतिहासिक जीत का प्रमुख कारण माना गया था, जिसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया।
हालांकि समय के साथ उनकी भूमिका में बदलाव हुआ। उन्हें पंजाब प्रभारी पद से हटाकर छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया, जबकि मनीष सिसोदिया को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी गई। सूत्रों के अनुसार, इस फैसले से पाठक नाराज थे। वहीं 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी उनकी रणनीति पर सवाल उठने लगे थे।
बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ के मूल निवासी पाठक ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से शोध उपाधि प्राप्त की है और आईआईटी दिल्ली की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा था।
इसी बीच, उद्योगपति राजिंदर गुप्ता से जुड़ा मामला भी चर्चा में है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बरनाला जिले के गांव धौला स्थित ट्राइडेंट उद्योग की इकाई पर छापा मारा था। इस कार्रवाई को उनके राजनीतिक पाला बदलने से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके खिलाफ ट्राइडेंट समूह ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर अदालत ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही बोर्ड ने अदालत को आश्वासन दिया है कि 4 मई तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
वहीं शिरोमणि अकाली दल ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने पूछा है कि संदीप पाठक पर लगे आरोप आप में रहते हुए के हैं या भाजपा में शामिल होने के बाद के।
फिलहाल, संदीप पाठक की गिरफ्तारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मामला पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।


