बरेली के मीरगंज में आयोजित अपना दल (कमेरावादी) के मंडलीय सम्मेलन में विधायक पल्लवी पटेल ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान नीतियां गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के हित में नहीं हैं और इन वर्गों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समाज के कमजोर तबकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
अपने संबोधन में पल्लवी पटेल ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने यूजीसी के नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे शिक्षा प्रणाली कमजोर हो रही है और इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों से समाज में असमानता बढ़ेगी, जो देश के विकास के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की मौजूदा नीतियों के कारण समाज में विभाजन और दूरी बढ़ रही है। उनके मुताबिक, सरकार को सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने सरकार से शिक्षा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
पंचायत चुनाव को लेकर भी विधायक ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और मंत्रियों के बीच तालमेल की कमी के कारण प्रशासनिक व्यवस्था सही ढंग से काम नहीं कर पा रही है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
कार्यक्रम के अंत में पल्लवी पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में यूजीसी बिल, जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने इन मुद्दों पर जनता के बीच जाकर आवाज उठाने का संकल्प लिया।


