कानपुर| मंधना-अनवरगंज के बीच प्रस्तावित 15.21 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण से पहले किए जा रहे भूमि सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मंधना से कल्याणपुर तक आठ गांवों और शहरी क्षेत्रों की सरकारी जमीन पर 180 से अधिक मकान अवैध रूप से बने पाए गए हैं। यह सर्वे लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और रेलवे के इंजीनियरों की संयुक्त टीम द्वारा किया जा रहा है।
संयुक्त सर्वे टीम अब तक लगभग 14 किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे पूरा कर चुकी है। केवल बगदौधी बांगर गांव की भूमि का सर्वे शेष है, जिसे बुधवार तक पूरा किए जाने की संभावना है। सर्वे में बैरी अकबरपुर, जुही खुर्द, गोगूमऊ, चौबेपुर कलां, बगदौधी बांगर, परगही बांगर, नारामऊ और कल्याणपुर की भूमि शामिल है।
सर्वे के दौरान सामने आया कि सैकड़ों मकान सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाए गए हैं, जिन्हें अब परियोजना के तहत चिह्नित कर लिया गया है। प्रशासन भूस्वामियों की पहचान गाटा संख्या के आधार पर कर रहा है, ताकि मुआवजा वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जी दावों को रोका जा सके।
करीब 1,115 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एलिवेटेड रेलवे ट्रैक शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा। इसके निर्माण से मंधना से जरीब चौकी तक की 18 रेलवे समपार क्रॉसिंग समाप्त हो जाएंगी, जिससे रोजाना लगने वाले जाम से लगभग 50 लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना के लिए कुल 22,306 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
शासन की ओर से भूस्वामियों को मुआवजा देने के लिए 36 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी को जारी किए जा चुके हैं। अब तक केवल दो भूमि की रजिस्ट्री पूरी हुई है और संबंधित लोगों को मुआवजा चेक सौंपे जा चुके हैं। शेष रजिस्ट्री प्रक्रिया को इस सप्ताह पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।


