लखनऊ। अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव के लिए लाई गई महिला को ऑपरेशन थिएटर में छोड़कर डॉक्टर और स्टाफ सो गए।
परिजनों के मुताबिक, प्रसूता को ओटी में ले जाया गया, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर और स्टाफ उसे छोड़कर चले गए। करीब आधे घंटे तक महिला दर्द से तड़पती रही और मदद के लिए चीखती रही, लेकिन कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन घबरा गए और खुद ही ओटी तक पहुंच गए। वहां पहुंचने पर अंदर कोई भी डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं मिला।
दूसरे कमरे में सोते मिले कर्मचारी
बताया जा रहा है कि खोजबीन करने पर डॉक्टर और स्टाफ दूसरे कमरे में सोते हुए मिले, जिससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रसूता के पति ने पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। मामले की जांच की बात कही जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि ऐसी लापरवाही के बीच मरीजों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल लापरवाही बल्कि मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध माना जाएगा।
अलीगंज सीएचसी में लापरवाही का आरोप, प्रसूता को ओटी में छोड़ सो गए डॉक्टर-स्टाफ


