नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती पहुंचे। राहुल गांधी ने यहां रहने वाले लोगों से बातचीत की और मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि बस्ती में रहने वाले 728 लोगों में से एसआईआर के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में केवल एक नाम बचा है।
राहुल गांधी ने मौके से ही संबंधित एसडीएम को फोन किया और पूछा कि जिन लोगों के मकान वर्ष 2023 में हटाए गए थे, उनके वोटर अधिकार कैसे प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बस्ती के लोग वर्षों से यहीं रह रहे हैं और 2024 के लोकसभा तथा 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान कर चुके हैं। राहुल ने एसडीएम से उनका नाम और पद पूछते हुए मतदाता सूची से नाम गायब होने का कारण जानने की कोशिश की।
बेला एस्टेट का मामला पहले भी एसआईआर के दौरान सामने आ चुका है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक संबंधित मतदान केंद्र पर एसआईआर से पहले 729 मतदाता दर्ज थे, जबकि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में केवल एक नाम दिखाई दिया। चुनाव अधिकारियों की ओर से नाम नहीं आने के पीछे अनुपलब्ध, स्थानांतरित, मृत या अन्य कारणों से सत्यापन न हो पाने जैसी श्रेणियों का उल्लेख किया गया है।
दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में एसआईआर के बाद करीब 97.5 लाख मतदाता शामिल किए गए हैं, जबकि लगभग 47.5 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं आए। इनमें ऐसे मतदाता भी शामिल हैं जिन्हें अनुपलब्ध, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में रखा गया है। करीब 33.1 लाख मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड से जुड़ी विसंगतियों के संबंध में नोटिस भी जारी किए गए हैं।
चुनाव आयोग ने दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी है और अंतिम मतदाता सूची अब 4 दिसंबर 2026 को जारी की जानी है। आयोग के अनुसार जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर ड्राफ्ट सूची और नाम नहीं होने वाले मतदाताओं की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। वहीं अंतिम मतदाता सूची अभी जारी नहीं हुई है और दावे-आपत्तियों तथा सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में बेला एस्टेट समेत जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, उनके मामलों पर अंतिम स्थिति प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।


