जेवर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य समारोह में किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय व प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
लोकार्पण के साथ ही जेवर एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पहले जिस क्षेत्र को विकास से वंचित रखा गया था, आज वही क्षेत्र देश के विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट “डबल इंजन सरकार” की कार्य संस्कृति और तेज निर्णय क्षमता का परिणाम है, जिसने बड़े प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने का काम किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि वर्ष 2017 में शुरू हुई यह परियोजना आज साकार हो गई है और यह उत्तर प्रदेश के “बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू” बनने की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस एयरपोर्ट को केवल हवाई सेवा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना तैयार की गई है।
सरकार के अनुसार, यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के लाखों यात्रियों के लिए नई सुविधा लेकर आएगा, जिन्हें अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मेट्रो, प्रस्तावित रैपिड रेल और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़कर यह एयरपोर्ट देश के सबसे मजबूत कनेक्टिविटी हब में शामिल हो जाएगा।
अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित इस एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर में फैला है, जहां यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां बड़ी संख्या में चेक-इन काउंटर, सेल्फ बैगेज ड्रॉप सिस्टम, तेज सुरक्षा जांच व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सेवाएं विकसित की गई हैं। एयरपोर्ट प्रति घंटे लगभग 30 उड़ानों के संचालन की क्षमता रखता है और कार्गो हैंडलिंग के लिहाज से भी इसे मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में तैयार किया गया है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एक खास बात इसका डिजाइन भी है, जिसमें आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है। हवेली शैली की वास्तुकला, गंगा घाट थीम और देशभर के पारंपरिक हैंडीक्राफ्ट्स से सुसज्जित यह एयरपोर्ट यात्रियों को एक अलग अनुभव देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और निवेश, औद्योगिकीकरण, निर्यात व पर्यटन को नई गति मिलेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो प्रदेश को वैश्विक अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश कराता है।
पीएम मोदी ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण, यूपी को मिली वैश्विक उड़ान


