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Saturday, April 4, 2026

रिटायरमेंट के नौ माह बाद भी सरकारी आवास पर पूर्व अवर अभियंता कब्जा जमाये

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रिटायरमेंट के नौ माह बाद भी सरकारी आवास पर पूर्व अवर अभियंता कब्जा जमाये नगर के रिहायशी भवनों के ध्वस्तीकरण के नोटिस दिला खुलेआम डकैती डालने वाले पूर्व अभियंता पर आखिर किसका वरदहस्त और चली गई नगर मजिस्ट्रेट की जान

=सरकारी कार्यो में पूर्व की तरह दखल उजागर होने के बाद भी डटा है जिले में दागी भ्रष्टाचारी विनयमित क्षेत्र का पूर्व लिपिक

=अपने प्रभाव से विनयमित क्षेत्र के लिपिक का चार्ज चकबंदी के बाबू को दिलाया यूथ इंडिया संवाददाता

फर्रुखाबाद। नगर मजिस्ट्रेट और विनयमित क्षेत्र का सेवानिवृत दागी और घूसखोर तत्कालीन अवर अभियंता डीके सिंह इन दिनों एक बार फिर से चर्चाओं में है। बीती ३० जून २०२५ को सेवा से निवृत होने के बाद भी आज तक उसने आफीसर्स कालौनी स्थित सरकारी आवास टाइप ३ नम्बर ११ खाली नही किया। पूरे नौ माह बीत जाने के बाद उसका सरकारी आवास पर कब्जा बरकरार रहना उसके प्रभाव में चार चांद तो लगा ही रहा साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में वह अभी तक सरकारी आवास में डेरा जमाए है और अवैधानिक रूप से न केवल नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय और विनयमित क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यो में अपनी संलिप्तता बरकरार रखे है। यह सवाल आम जनमानस और व्यापारी वर्ग से लेकर प्रशासनिक गलियारों में गूंज रहा है। हालांकि जिले के जन प्रतिनिधि यहां बेवस और मौन रहते है यह किसी से छिपा नही है।

डीके सिंह का हस्तक्षेप यहां कोई चौकाने वाली बात नही उसका प्रभाव तो इतना रहा कि विनयमित क्षेत्र के लिपिक का चार्ज तक उसने अपने चहेते चकबंदी विभाग के बाबू को दिलवाया। जबकि कलेक्ट्रेट में पर्याप्त स्टाफ है। हाल ही में सिटी मजिस्टे्रेट संजय कुमार वंसल के संदिग्ध रूप से आकस्मिक निधन के बाद डीके सिंह पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आरोप लगे। आम चर्चा बनी कि श्री वंसल की मौत के पीछे डीके सिंह की भूमिका संदिग्ध रही। हालाकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नही हुई लेकिन आम जनमानस में इस घटना को गहरी नाराजगी और संजीदगी से देखा गया।
यहां बताना उल्लेखनीय है कि बीते मार्च माह में कई फ्यूलपंपों को एक साथ नोटिस जारी हुए जो सुर्खियां बने इस दौरान वसूली के नाम पर डीके सिंह का नाम खुलकर आया था। आरोप लगे थे कि नोटिस की आढ़ में दवाब बनाकर डीके सिंह द्वारा आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की गई।

फतेहगढ के नक्शा नवीस प्रजापति से लेकर नगर मजिस्ट्रेट संजय वंसल और कई व्यापारियों और महत्वपूर्ण लोगों की अगर कॉल डिटेल अगर डीके सिंह से मैच करा दी जाये तो चकित करने वाले परिणाम तो होंगे ही। मौत की अनसुलझी गुत्थी से प्रश्रचिन्ह भी हटेंगे साथ ही जिले की कराहती जनता संग खुलेआम डकैती भी बंद होगी।

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