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Thursday, March 12, 2026
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पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने थाना कम्पिल का किया वार्षिक निरीक्षण, अभिलेखों व व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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कंपिल, फर्रुखाबाद। जनपद की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने थाना कम्पिल का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई तथा अभिलेखों के रख-रखाव का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण, मिशन शक्ति केन्द्र, CCTNS कार्यालय, हवालात, पुलिस मैस, बैरक सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने थाना स्टाफ से अभिलेखों की स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा सभी रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर (एचएस), सक्रिय अपराधियों तथा टॉप-10 अपराधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए।

निरीक्षण के दौरान थाना क्षेत्र में लागू बीट प्रणाली को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बीट पुलिसकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने, आमजन से संवाद बढ़ाने तथा अपराध की रोकथाम के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग के संबंध में भी अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मियों को ईमानदारी, सतर्कता और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी सहित थाना कम्पिल के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कोतवाली कायमगंज का किया वार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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कायमगंज, फर्रुखाबाद। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कोतवाली कायमगंज का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोतवाली परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली की साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव, मिशन शक्ति केन्द्र, CCTNS कार्यालय, हवालात, पुलिस मैस तथा बैरकों का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों की स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी रिकॉर्ड को व्यवस्थित व अद्यतन रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सूचनाएं तुरंत उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में सक्रिय हिस्ट्रीशीटर (एचएस), सक्रिय अपराधियों और टॉप-10 अपराधियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में लागू बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बीट पुलिसकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने, जनता से संवाद स्थापित करने तथा अपराध की रोकथाम के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही यक्ष ऐप के उपयोग को लेकर भी अधिकारी व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कोतवाली प्रभारी सहित कोतवाली कायमगंज के अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

PM-kusumऔर डिजिटल क्रॉप सर्वे को बढ़ावा देने पर यूपी सरकार खर्च करेगी 43 करोड़ रुपये

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सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और डिजिटल तकनीक से कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए PM-KUSUM योजना और डिजिटल क्रॉप सर्वे को बढ़ावा देने जा रही है। इसके लिए सरकार करीब 43 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

सरकार का उद्देश्य सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था को बढ़ावा देना और खेती से जुड़े आंकड़ों को डिजिटल माध्यम से एकत्रित करना है, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सके।

PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे किसानों को बिजली या डीजल पर निर्भरता कम होती है और सिंचाई लागत में भी कमी आती है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।

वहीं डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों का डेटा मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एकत्र किया जाएगा। इससे सरकार को वास्तविक समय में फसलों की स्थिति की जानकारी मिलेगी और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने में आसानी होगी।

सरकार का मानना है कि इन दोनों पहल से कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और तकनीकी उपयोग बढ़ेगा। साथ ही किसानों को समय पर सहायता और योजनाओं का लाभ मिलने में भी मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसी पहल से कृषि को आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।M और डिजिटल क्रॉप सर्वे को बढ़ावा देने पर यूपी सरकार खर्च करेगी 43 करोड़ रुपये

 

 

फर्रुखाबाद का लाल हुआ शहीद, हवलदार कुलदीप यादव का लेह में निधन

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– ग्लेशियर में दबने के बाद इलाज के दौरान तोड़ा दम, गांव कलौली में शोक की लहर

फर्रुखाबाद। जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव कलौली निवासी भारतीय सेना के जवान हवलदार कुलदीप यादव शहीद हो गए। लेह में इलाज के दौरान उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

हवलदार कुलदीप यादव 872 लाइट रेजिमेंट तोपखाना, नासिक में तैनात थे। इन दिनों उनकी यूनिट लेह के ग्लेशियर क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के पास प्रशिक्षण ले रही थी।

बताया गया कि 2 मार्च की दोपहर करीब ढाई बजे वह यूनिट ऑफिस में रिपोर्टिंग करने गए थे। वापस लौटते समय अचानक ग्लेशियर में दब गए। साथियों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाकर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया।

कुछ दिन इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ, लेकिन बृहस्पतिवार को यूनिट ऑफिस के गेट पर पहुंचते ही वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। सेना के अधिकारियों ने उन्हें तुरंत लेह के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रात करीब 10:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

घटना की सूचना रात करीब 11 बजे परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

शहीद कुलदीप यादव के परिवार में पिता महेंद्र सिंह यादव, माता गेंदा देवी, पत्नी प्रियंका यादव, पुत्री मन्नत और पुत्र राम हैं। वह सात भाइयों में चौथे नंबर के थे।

बताया गया कि कुलदीप यादव वर्ष 2011 में फतेहगढ़ में हुई सेना भर्ती के माध्यम से भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। देश की रक्षा के लिए वह लगातार कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे थे।

सेना की ओर से जानकारी दी गई है कि शनिवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कलौली पहुंचने की उम्मीद है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का आना-जाना लगा है और हर कोई वीर जवान को श्रद्धांजलि दे रहा है।

देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए कुलदीप यादव की शहादत को क्षेत्र के लोग हमेशा याद रखेंगे।

जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियां तेज, इसी माह शुरू हो सकते हैं फ्लाइट ऑपरेशन

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– एरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद तैयारियां तेज, सालाना 80 लाख यात्रियों की क्षमता वाला होगा आधुनिक एयरपोर्ट

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई हैं। एरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन और प्रशासन ने फ्लाइट संचालन की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया है। निर्माण और तकनीकी तैयारियों के लगभग अंतिम चरण में पहुंचने के बाद अब जल्द ही यहां से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट के पहले चरण में सालाना लगभग 80 लाख यात्रियों की क्षमता होगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट देश के सबसे आधुनिक और बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होने जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) और गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव भी काफी कम होने की उम्मीद है।

सूत्रों के मुताबिक अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह से फ्लाइट टिकटों की बुकिंग शुरू हो सकती है।

जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल हवाई यात्रा आसान होगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के औद्योगिक व आर्थिक विकास को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

यूपीएससी में आकांक्षा सिंह के चयन को लेकर विवाद साफ, बनारस-गाजीपुर की आकांक्षा को मिली 301वीं रैंक

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– वीडियो जारी कर दी सफाई, बिहार की आकांक्षा का दावा गलत पाया गया

नई दिल्ली/वाराणसी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी ) परीक्षा में आकांक्षा सिंह के चयन को लेकर चल रहा विवाद अब साफ हो गया है। जांच और उपलब्ध जानकारी के अनुसार वाराणसी-गाजीपुर की आकांक्षा सिंह का चयन सही पाया गया है और उन्होंने ऑल इंडिया 301वीं रैंक हासिल की है।

विवाद उस समय शुरू हुआ जब बिहार की एक अन्य युवती ने भी अपने आप को उसी नाम से चयनित अभ्यर्थी बताते हुए दावा किया था। सोशल मीडिया पर दोनों के नाम सामने आने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।

इस बीच वाराणसी-गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने वीडियो जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की सूची में दर्ज 301वीं रैंक उन्हीं की है और उन्होंने ही परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।

जानकारी सामने आने के बाद स्पष्ट हो गया कि बिहार की युवती द्वारा किया गया दावा गलत था। इसके बाद सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया।

आकांक्षा सिंह की सफलता को लेकर उनके परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि उनकी मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया कि निरंतर प्रयास से देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की जा सकती है।

वीडियो के जरिए स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब यूपीएससी में आकांक्षा सिंह के चयन को लेकर चल रहा विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है।