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Sunday, April 5, 2026
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जाम की समस्या से नहीं मिल पा रही राहत

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यूथ इंडिया संवाददाता, फर्रुखाबाद। शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। ठंडी सडक़, कादरी गेट चौक, और आवास विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था फेल हो जाने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन इलाकों में वाहनों की भारी भीड़ के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों का समय और ऊर्जा दोनों ही व्यर्थ हो जाते हैं। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल जाने वाले बच्चे, और अन्य यात्री भी इस जाम के कारण समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं।
पुलिस और प्रशासन के प्रयासों के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में कोई खास सफलता नहीं मिल पाई है। ट्रैफिक पुलिस की संख्या कम होने के कारण वे प्रभावी रूप से जाम को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं।
जनता ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है ताकि वे निर्बाध रूप से अपने दैनिक कार्य कर सकें। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

खबर का हुआ असर,जांच करने पहुंचे पूर्ति निरीक्षक,ग्रामीणों के बयान किया दर्ज

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यूथ इंडिया संवाददाता, अमृतपुर/ फर्रुखाबाद। जनता को ई केवाईसी के नाम पर लूटने वाले तहसील क्षेत्र के खंडोली के कोटेदार राजकुमार के खिलाफ खबर छपने के बाद संज्ञान लिया गया जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक अमित चौधरी गांव खंडोली के मजरा नौसारा में जांच पड़ताल करने पहुंचे। जिन पूर्ति निरीक्षक के रहमो करम पर कोटेदार मनमानी कर जनता का लूटता था आज उसी के विरूद्ध अपनी कलम बचाने के लिए अमित चौधरी द्वारा जांच की गई। गांव गांधी व मजरा नौसारा में दर्जनों ग्रामीणों ने जांच के दौरान कोटेदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केवाईसी के नाम पर 50 रुपये की अवैध वसूली की गई है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए बयानों से यह प्रतीत होता है ई केवाईसी के नाम पर भ्रष्टाचार करने वाले कोटेदार को संरक्षण कौन दे रहा था। प्रदेश में सरकार ज़ीरो टॉलेस की बात करती है। लेकिन जनता फिर भी लुटती है। जब तक उच्च अधिकारियों के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा तब तक जनता घुन की तरह पिसती रहेगी। अब देखने वाली बात यहां होगी कोटेदारों के मुखिया के विरूद्ध उच्च अधिकारियों के द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है।
हालांकि कोटेदार के विरुद्ध पूर्ति निरीक्षक अमित चौधरी ने जिला पूर्ति अधिकारी को जांच रिपोर्ट सौप कोटेदार के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।

पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी द्वारा थानाध्यक्षों की तैनाती में फेर बदल

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यूथ इंडिया संवाददाता, फर्रुखाबाद। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने जिले में थानाध्यक्षों की तैनाती में बड़ा फेर बदल किया है। इस बदलाव के अंतर्गत थानाध्यक्ष कमालगंज राजेश राय को उनकी कार्य कुशलता को देखते हुए एसओजी टीम में शामिल किया गया है।
राजेश राय की जगह थानाध्यक्ष कमालगंज के पद पर अब थानाध्यक्ष राजेपुर रणविजय सिंह को नियुक्त किया गया है। वहीं, वीआईपी सेल में तैनात निरीक्षक योगेंद्र सिंह सोलंकी को थानाध्यक्ष राजेपुर बनाया गया है।
इस परिवर्तन का उद्देश्य पुलिस बल की कार्यकुशलता और प्रभावशीलता को बढ़ाना है। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने उम्मीद जताई है कि ये बदलाव जिले में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में सहायक साबित होंगे।

सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट कर्मियों की दखल के खिलाफ डीएम वी के सिंह की मुहिम से मचा हडक़ंप, कई हिरासत में

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यूथ इंडिया संवाददाता, फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिला मजिस्ट्रेट डॉ. वी के सिंह ने सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट कर्मियों की दखल के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हडक़ंप मच गया है।
डॉ. सिंह की इस मुहिम का उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट कर्मियों की उपस्थिति भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है और सरकारी प्रक्रियाओं को बाधित करती है।
जिला प्रशासन ने सरकारी दफ्तरों में छापेमारी कर कई प्राइवेट कर्मियों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई जिला मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न तहसील और ब्लॉक कार्यालयों में की गई।
डीएम डॉ. वी के सिंह ने कहा, सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट कर्मियों की दखल पूरी तरह से अस्वीकार्य है। हम इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। जो भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मुहिम के तहत कई विभागों के प्रमुखों को भी चेतावनी दी गई है कि वे अपने कार्यालयों में प्राइवेट कर्मियों की उपस्थिति पर सख्त निगरानी रखें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ेगी। सरकारी कर्मियों और जनता ने भी इस मुहिम की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार होगा। इस मुहिम के तहत जिला प्रशासन द्वारा सरकारी दफ्तरों में नियमित रूप से निगरानी रखी जाएगी और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

वकील की हत्या में बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने एक शूटर के पैर में मारी गोली, सपा नेता समेत पांच गिरफ्तार

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Advocate Murder Case
Advocate Murder Case

हरदोई। यूपी के हरदोई में अधिवक्ता हत्याकांड (Advocate Murder Case) में पुलिस ने सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र यादव उर्फ बीरे समेत पांच लोगों को गिरफ्तार (Arrested)  कर लिया। गुरुवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में एक शूटर को गोली लगी, जबकि बाकी को शुक्रवार सुबह उनके घरों से पकड़ा गया। प्रॉपर्टी को लेकर सुपारी देकर शूटरों से कत्ल कराया गया था। वरिष्ठ अधिवक्ता कनिष्क महरोत्रा की तीन दिन पहले हमलावरों ने घर में घुसकर हत्या (Murder) कर दी थी।

शुक्रवार को वारदात का खुलासा करते हुए एसपी नीरज जादौन ने बताया कि लखनऊ रोड पर सिनेमा चौराहे के पास कोठी खाली कराने के लिए हत्या कराई गई। उन्होंने बताया कि करीब 11 साल पहले बीरे यादव, सराय थोक पश्चिमी निवासी आदित्य भान सिंह, धर्मशाला रोड रफी अहमद चौराहा निवासी व्यापारी शिखर गुप्ता और लखनऊ रोड रामनगर कॉलोनी निवासी ठेकेदार नृपेंद्र त्रिपाठी ने मिलकर कोठी खरीदी थी।

कनिष्क शुरू से ही इस मकान में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि चारों पार्टनरों ने कोठी को खाली कराने का प्रयास किया। कई बार कनिष्क को डराया-धमकाया लेकिन सफल नहीं हुए। इस पर चारों ने अधिवक्ता को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। एसपी के मुताबिक चारों ने चार लाख रुपये में शूटर रामू महावत से डील की। रामू ने अपने साथी जोगीपुर मजरा तत्यौरा निवासी रामसेवक उर्फ लल्ला, राजवीर और झरोइया के नीरज के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की योजना बनाई। मुवक्किल के बहाने घर में घुसे और कनिष्क को गोली से उड़ा दिया।

पत्नी के प्रेम प्रसंग से नाराज शिक्षक साथी ने ही भेष बदल कर चलाई थी दिन दहाड़े गोली

एसपी ने बताया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई थीं। गुरुवार देर रात नीरज को मुठभेड़ के बाद धर-दबोचा। उसके पैर में गोली लगी है। बीरे, शिखर, आदित्यभान और नृपेंद्र को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया है। हत्याकांड में शामिल बाकी दो शूटरों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

अयोध्या रेप केस मामले में योगी हुए सख्त, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

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CM Yogi

लखनऊ। अयोध्या में नाबालिग लड़की से रेप (Ayodhya Gangrape) के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने बड़ा एक्शन लिया है। गौरतलब है कि सीएम योगी ने शुक्रवार को ही अयोध्या रेप पीड़िता की मां से मुलाकात की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। अब इस पूरे मामले में दो पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, रेप के मुख्य आरोपी मोइद की संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है।

अयोध्या के भदरसा में हुए रेप कांड में बड़ी कार्रवाई की गई है। पीड़ित किशोरी की मां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) से मिलने के बाद से ही कार्रवाई तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, पूराकलंदर थानाध्यक्ष रतन शर्मा और भदरसा चौकी इंचार्ज अखिलेश गुप्ता दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस वालों पर ये एक्शन त्वरित कार्रवाई न करने और मुकदमा दर्ज करने में देरी के कारण की गई है। नाबालिग लड़की की मां ने मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) से इस बारे में शिकायत की थी।

इंडिया टीवी के अनुसार, अयोध्या के भदरसा में नाबालिग बच्ची से रेप के मुख्य आरोपी सपा नेता मोइद खान पर भी एक्शन तेज कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, मोइद की संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग ने उसकी जमीन की पैमाईश शुरू की है। मोइद पर तालाब और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का आरोप लगा हुआ है

योगी जी मेरे साथ भी इंसाफ करें, दबाव में काम कर रही है पुलिस: भानवी सिंह

पुलिस के मुताबिक, अयोध्या रेप केस (Ayodhya Gangrape) की पीड़िता के पिता नहीं है। उसकी मां और बहने मजदूरी से मिले पैसे से घर का गुजारा चलाती हैं। आरोप है कि ढाई महीने पहले पीड़िता मजदूरी कर घर लौट रही थी। इसी वक्त सपा नेता मोइद खान की बेकरी में काम करने वाला राजू खान उसके पास आया और कहा मोइद तुम्हें बुला रहे हैं। जब पीड़िता वहां पहुंची तो मोइद खान ने उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। वहीं, राजू ने मोबाइल से वीडियो बनाया। इसके बाद राजू ने भी पीड़िता संग दुष्कर्म किया। इसके बाद ये सिलसिला आम हो गया और लगातार पीड़िता के साथ यह दोनों रेप करते रहे।