यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र के अंतर्गत महिला को उसके ससुरालियों द्वारा घर से बाहर निकालने और उत्पीडऩ करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता शहज़ाद अहमद पुत्र शेख़ अहमद निवासी महौरा हसेरू ने नवाबगंज थाना में एफआईआर दर्ज करवाई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने अपनी पत्नी रुखसाना से करीब एक वर्ष पूर्व निकाह किया था। निकाह के बाद से ही उसकी पत्नी के ससुरालियों द्वारा उसे प्रताडि़त किया जाने लगा। आरोप है कि उसकी पत्नी को ससुराल पक्ष द्वारा शारीरिक और मानसिक उत्पीडऩ का सामना करना पड़ा। 27 अगस्त 2024 की सुबह करीब 9 बजे, जब शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी रुखसाना अपने घर पर थे, तब ससुराल पक्ष के सदस्य ससुर अरशद अली, सास सबरून, ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के साथ घर में घुस आए और उनकी पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया।
शिकायतकर्ता ने पुलिस में दर्ज शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि ससुरालियों ने उसकी पत्नी के साथ गाली-गलौज की और धमकी दी कि अगर वह घर वापस आती है तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक गिरीश कुमार को सौंपी गई है।
महिला के ससुरालियों द्वारा घर से बाहर निकालने का मामला दर्ज
गैस प्लांट में मजदूर की मौत पर हंगामा
यूथ इंडिया संवाददाता
मोहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गैस प्लांट में एक मजदूर की अचानक मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है। बताया जा रहा है कि मृतक की मौत हृदयगति रुकने और सीने में दर्द के कारण हुई।
मृतक के परिवार का आरोप है कि गैस प्लांट के अधिकारियों ने समय पर उचित सूचना नहीं दी और न ही सही डॉक्टर को दिखाने का उचित प्रयास किया। परिजनों ने बताया कि उन्हें पहले सकवई में किसी झोला छाप डॉक्टर के पास भेजा गया, जहां से स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद, परिजनों ने मृतक को अपने वाहन से लोहिया अस्पताल पहुंचाया, लेकिन प्लांट का कोई भी अधिकारी उनके साथ नहीं गया।
मौत के बाद, मृतक का शव गैस प्लांट में ही लाकर रख दिया गया। इसके विरोध में गैस प्लांट के लेबर कर्मचारियों ने काम की हड़ताल कर दी। मृतक के परिजनों ने प्लांट अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपने बच्चों के भविष्य के लिए उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
मौके पर कोतवाली प्रभारी मनोज भाटी और गैस प्लांट के डीजीएम किशोर महेरा पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और गैस प्लांट के अधिकारियों के प्रति जनता के गुस्से को और बढ़ा दिया है।
अखिलेश यादव के सामने ही भिड़े समर्थक, जड़े एक-दूसरे को तमाचे
कन्नौज। समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav) शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र कन्नौज पहुंचे थे। वो छिबरामऊ में पार्टी के एक कार्यकर्ता के घर गए थे। सड़क पर खड़ी अपनी कार में वो बैठे थे, तभी दो कार्यकर्ताओं में कहासुनी हो गई। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दोनों ने एक दूसरे को तमाचे जड़ने शुरू कर दिए। इस बीच वहां खड़े अन्य कार्यकर्ताओं ने किसी तरह मामला शांत कराया।
बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav) को माला पहनाने के समय दोनों युवकों के बीच कहासुनी फिर मारपीट हुई थी। दोनों लड़ते-लड़ते अखिलेश की गाड़ी के सामने पहुंच गए। इस बीच सुरक्षाकर्मियों ने भी मामला शांत कराने की कोशिश की।
बताया ये भी जा रहा है कि अखिलेश ( Akhilesh Yadav) से मिलने के चक्कर में मारपीट की ये घटना हुई है। इसका वीडियो भी सामने आया है।
नर्सिंग होम में जच्चा और नवजात की मौत, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले के एक निजी नर्सिंग होम में जच्चा और नवजात की मौत से परिवार में शोक की लहर है। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण यह दुखद घटना घटी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जच्चा की तबीयत बिगडऩे के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने समय पर जानकारी नहीं दी और आवश्यक उपचार भी नहीं किया।
घटना के अनुसार, जच्चा की हालत बिगडऩे पर परिजनों ने कई बार नर्सिंग होम से मदद मांगी, लेकिन उनका कहना है कि नर्सिंग होम ने स्थिति की गंभीरता को न समझा और उचित कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने बताया कि जच्चा को असामान्य लक्षण दिखने के बावजूद चिकित्सकों ने इलाज में देरी की, जिससे उनकी और नवजात की जान चली गई।
परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि अस्पताल ने आवश्यक चिकित्सा सेवाओं में घोर कमी की। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। विभाग के अधिकारी अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं, इलाज की गुणवत्ता और आपातकालीन प्रबंधन की समीक्षा कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है और किसी भी गलत गतिविधि के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य के प्रति अस्पतालों की जिम्मेदारी और मरीजों के साथ उचित व्यवहार की आवश्यकता को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सख्त कार्रवाई की अपील की है।
रूस के शहर बेल्गोरोद पर रॉकेट से हमला, सड़क पर मची तबाही; देखें वीडियो
रूस के बेल्गोरोद पर जहां कल रात आसमान से कई गोले गिरे। रूस का दावा है कि ये यूक्रेन के RM-70 Vampire MLRS के रॉकेट्स (Rockets Attacked) थे, जिन्होंने आम लोगों को निशाना बनाया है। जबकि दूसरी तरफ यह खबर भी आ रही है कि रूस ने अपने ही लोगों पर गलती से पंतशिर एयर डिफेंस सिस्टम की मिसाइलें दाग दी।
सच्चाई क्या है ये नहीं पता चल पा रही है लेकिन X पर इस हमले के वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे सड़क पर चल रही गाड़ियों के ऊपर मिसाइलें, रॉकेट (Rockets Attacked) या बम, वो जो कुछ भी हो, किस तरह से गिर रहे हैं। तबाही मचा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले में 5 लोगों की मौत हुई है। 37 जख्मी हैं, जिसमें 6 बच्चे भी हैं।
Video
El momento en que el RM-70 “Vampire” MLRS, de fabricación checa, impacta en #Belgorod sobre un vehículo civil. 😡
Obviamente, el conductor fue asesinado.#Russia #Ukrainian @NATO #Iran #Paris2024 @JosepBorrellF #Biden #OTAN #GazaGenocide #Israel #ZelenskyWarCriminal pic.twitter.com/1q8rgmj95z
— 🇮🇷🇵🇸 Noureen_Shiraz 🇷🇺🇦🇲 (@NOUREEN_SHIRAZ) August 30, 2024
RM-70 का पूरा नाम है Raketomet vzor 1970। यह एक मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है। इसे चेक गणराज्य ने बनाया था। 1972 से लगातार इसका इस्तेमाल कई देश कर रहे हैं। पश्चिमी सहारा युद्ध, रूस-जॉर्जिया युद्ध, श्रीलंका सिविल वॉर, लीबिया युद्ध, अफगानिस्तान की जंग जैसे कई लड़ाइयों में इसका इस्तेमाल हो चुका है।
इस सिस्टम का वजन 33.7 टन होता है। 28.8 फीट लंबा, 8.2 फीट चौड़ा और 8.10 फीट ऊंचा होता है ये सिस्टम। इसे चलाने के लिए छह लोगों की जरूरत पड़ती है। इसमें 122.4 मिलिमीटर कैलिबर के रॉकेट्स लगते हैं। यह एक बार में 40 रॉकेट दाग सकता है, जिनकी रेंज 20 किलोमीटर होती है।
इसके अलावा इसमें यूनिवर्सल मशीन गन 59 लगी होती है। यह 8X8 पहियों वाले ट्रक पर इंस्टॉल किया जाता है। यह ट्रक एक बार में 400 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसकी अधिकतम गति 85 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले सिंडीकेट के तीन सदस्य गिरफ्तार, एटीएस ने आजमगढ़ से दबोचा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी (Fake Birth Certificates) करने वाले एक और सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। यूपी एटीएस ने आजमगढ़ से एक महिला समेत 3 को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक CMO आजमगढ़ के दफ्तर में तैनात संविदा कर्मी अनीता यादव इस फर्जी जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र (Fake Birth Certificates) के फर्जीवाड़े की मास्टरमाइंड है। वहीं, मामले में गिरफ्तार शिवानंद और आनन्द यादव दोनों सहयोगी के रूप में कार्य करते थे।
सीआरएस पोर्टल का दुरुपयोग करती थी अनीता
जानकारी के मुताबिक अनीता सीआरएस पोर्टल की अधिकृत लॉग इन आईडी का दुरुपयोग कर सिंडिकेट में शामिल लोगों के जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बना रही थी। बताया यह भी जाता है कि गिरफ्तार अनीता यादव कई ग्राम सचिव की आईडी में अवैध ढंग से फेर बदल कर भी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र (Fake Birth-Death Certificates) बनाती थी।
वहीं, बीते दिनों रायबरेली से गिरफ्तार हुआ रविकेश भी इसी गैंग का हिस्सा था। रविकेश ने रायबरेली के सलोन इलाके में बीते 4 साल में चार लाख से अधिक फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र (Fake Birth-Death Certificates) जारी किए थे। रविकेश से हुई पूछताछ के बाद यूपी एटीएस ने आजमगढ़ में फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले एक दूसरे सिंडिकेट का भी खुलासा किया है।
25 हजार का इनामी था रविकेश
यूपी एटीएस ने बताया कि लखनऊ से रविकेश को गिरफ्तार किया गया था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस पूछताछ में रविकेश ने बताया कि उसने अपने दो पोर्टल से 4 लाख से अधिक जन्म प्रमाण पत्र और 5000 मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी बनाकर दिए थे।
उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में बनाकर देता था फर्जी प्रमाण पत्र (Fake Birth Certificates)
रविकेश ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र (Fake Birth-Death Certificates) बनाकर देता था। उसने फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए असली पोर्टल से मिलते जुलते दो पोर्टल crsogovr.in / thedashboard.in बनाए थे। 2022 से ही वह यह काम कर रहा था।






