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Thursday, February 12, 2026
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फर्रुखाबाद सिटी में विकास कार्यों की धीमी गति पर सवाल: जनता ने जताई नाराजगी

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। शहर में विकास कार्यों की धीमी गति ने स्थानीय नागरिकों के बीच नाराजगी बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सडक़ निर्माण, सीवेज व्यवस्था, और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इससे न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण धूल और मलबे से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सडक़ें अधूरी छोड़ी गई हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी इस स्थिति से अत्यधिक नाराज हैं। उन्होंने नगर पालिका और प्रशासन पर कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो रही है।
नगर पालिका के अधिकारियों ने दावा किया है कि बरसात के मौसम के कारण विकास कार्यों में देरी हो रही है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि मौसम में सुधार होते ही सभी लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा। प्रशासन ने आगामी महीनों में शहर के सभी मुख्य सडक़ों, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का वादा किया है। इसके साथ ही, जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने नियमित निरीक्षण की योजना बनाई है ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। शहर में विकास कार्यों की धीमी गति ने न केवल नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है, बल्कि प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन अपने वादों को कितना तेजी से पूरा कर पाता है, और शहर के विकास को नई दिशा में ले जाने में कितना सफल होता है।

नवाबगंज के वाशिंदों का सफर अब भी डग्गामार वाहनों के सहारे

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यूथ इंडिया संवाददाता
नवाबगंज, फर्रुखाबाद। क्षेत्र में यातायात व्यवस्था डग्गामार वाहनों के सहारे है। जिला मुख्यालय से रोडवेज बसों का संचालन न होने के कारण क्षेत्र के वाशिंदे डग्गामार वाहनों से सफर करने को मजबूर है। जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। और साथ ही किराया भी अधिक देना पड़ता है और शारीरिक दिक्कतें भी उठानी पड़ती हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का समाधान करने को कोई पहल नहीं कर पा रहे हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर होने के कारण नवाबगंज का इलाका समस्याओं से घिरा हुआ है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण समस्याओं का निराकरण नहीं होने से दिन पर दिन समस्या बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र में यातायात की समस्या विकराल है। लंबे समय से नवाबगंज के लोगों को आवाजाही के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। क्षेत्र में जिला मुख्मालय से रोडवेज बसों का संचालन नहीं होता है। जिसके कारण फर्रुखाबाद, अचरा- अलीगंज , मोहम्मदाबाद, मंझना-कायमगंज को आने-जाने के लिए डग्गामार वाहनों से सफर करते है। जिससे समय की बर्बादी होती है साथ ही किराया भी अधिक वसूला जाता है।
साथ डग्गामार वाहन चालक भूसे की तरह सवारियां भरकर वाहनों को बेखौफ तेज गति से दौड़ते है। अनफिट वाहन सडक़ों पर दौड़ते हैं। जिनसे दुर्घटनाओं का भी डर बना रहता है। लेकिन क्षेत्र के लोगों को मजबूरी है आखिर डग्गामार वाहनों के अलावा कोई साधन भी तो नहीं है? मजबूरी बस क्षेत्रवासी डग्गामार वाहनों में बैठ कर आते जाते है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को यातायात की समस्या शायद दिखती ही नही है। परिवहन विभाग के अधिकारी फर्रुखाबाद, अचरा- अलीगंज , मोहम्मदाबाद, मंझना-कायमगंज तक रोडवेज बसों का संचालन जिला मुख्यालय से करना उचित नही समझ रहे है। इसके लिए कोई बार इलाके के लोगों ने मांग भी की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।

लखनऊ एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बैंकॉक जाने की तैयारी में था

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Bangladeshi citizen arrested at Lucknow airport
Bangladeshi citizen arrested at Lucknow airport

लखनऊ। लखनऊ के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी (Bangladeshi )  नागरिक शिमुल बरुवा को टर्मिनल थ्री के इमिग्रेशन काउंटर से गिरफ्तार किया गया।

पश्चिम बंगाल से फर्जी दस्तावेज बनाकर बरुवा लखनऊ से बैंकॉक जाने की तैयारी में था। बैंकॉक जाने के लिए उसने आशीष राय के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। एयरपोर्ट पर उसे गिरफ्तार करने के बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे सरोजिनी नगर पुलिस के हवाले कर दिया।

उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमला, फेंकी चूड़ियां और गोबर

सरोजनी नगर पुलिस ने उसके विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। उसके पास से अलग-अलग नाम से बने दो जाली पासपोर्ट, दो आधार कार्ड और एक बैंकाक का टूरिस्ट वीजा बरामद हुआ है।

उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमला, फेंकी चूड़ियां और गोबर

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Uddhav Thackeray
Uddhav Thackeray

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)  के काफिले पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने गोबर से हमला किया है। इस घटना को लेकर अब महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) ने राज ठाकरे पर हमला बोला और उनकी पार्टी को सुपारीबाज बताया। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, “अब समझ आ गया है कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी को सुपारीबाज क्यों कहा जाता है। जिस तरह से उद्धव ठाकरे के काफिले पर ठाणे में हमला किया गया है।

इस घटना से सरकार पर सवाल उठते हैं कि आखिर वह महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री (Uddhav Thackeray) को सुरक्षा को क्यों मुहैया नहीं करा पाए।”

शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, “राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। सीएम एकनाथ शिंदे के गृह जिले में ऐसे हमले होते हैं, तो इससे साफ होता है कि इसकी सुपारी ली गई है। पहले लोग कहते थे कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी सुपारीबाज है। परंतु अब यकीन हो गया, जिस तरह हमारे नेता उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के काफिले पर ठाणे में हमला हुआ है। यह बहुत ही शर्मनाक है।

एकनाथ शिंदे की सरकार पूरी तरह से फेल है। देवेंद्र फडणवीस को इस्तीफा देना चाहिए।” वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)  पर हुए हमले को स्वीकार किया है। मनसे के ठाणे-पालघर के जिलाध्यक्ष अविनाश जाधव ने कहा, “कुछ शिवसैनिकों ने राज ठाकरे की गाड़ी के सामने आंदोलन करने की कोशिश की थी। उसी का मनसे ने जवाब दिया है। हमारे कार्यकर्ताओं ने 15 से अधिक गाड़ियों पर गोबर फेंका है। अगर कोई शिवसैनिक राज ठाकरे के खिलाफ जाएगा तो उनको ऐसा ही करारा जवाब दिया जाएगा। और उन्हें घर में घुसकर पीटा जाएगा।”

पूर्व विदेश मंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता नटवर सिंह का निधन

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Natwar Singh
Natwar Singh

नई दिल्ली। देश के पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता नटवर सिंह (Natwar Singh) का शनिवार देर रात 95 साल की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे नटवर सिंह ने गुड़गांव के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उनका इलाज चल रहा था। नटवर सिंह एक भारतीय राजनयिक और राजनीतिज्ञ थे। उनका अंतिम संस्कार आज दिल्ली में होगा।

नटवर सिंह (Natwar Singh) राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे। उनका जन्म 16 मई, 1929 को भरतपुर में हुआ था। उन्होंने मनमोहन सिंह सरकार में मई 2004 से दिसंबर 2005 तक विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया था। उनके पुत्र जगत सिंह फिलहाल भरतपुर के नदबई से भाजपा विधायक हैं। नटवर सिंह की पत्नी हेमिंदर कौर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बहन है।

नटवर सिंह 1953 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए थे। उन्होंने यूनिसेफ के कार्यकारी बोर्ड में भारत के प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया था। उन्होंने पोलैंड (1971 से 1973 तक) और पाकिस्तान (1980 से 1982 तक) में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया। सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। नटवर दो बार लोकसभा सांसद और एक बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे थे।

राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘भारत सरकार में पूर्व विदेश मंत्री, पद्म विभूषण से सम्मानित कु. नटवर सिंह जी के निधन का समाचार अत्यन्त दुःखद है। सीएम भजन लाल ने कहा कि प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें। नटवर सिंह के निधन के समाचार के बाद लगातार सोशल मीडिया पर शोक संदेश आ रहे हैं।’

मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना कर पिता के मान के साथ जिले को दिया गौरव

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। डॉ. अनार सिंह यादव का नाम फर्रुखाबाद में सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने न केवल अपने पिता बाबू सिंह यादव के सपनों को साकार किया, बल्कि अपने कार्यों से जिले का गौरव भी बढ़ाया है। मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, जो उनके दृढ़ निश्चय और शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि और शिक्षा
डॉ. अनार सिंह का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था, लेकिन उनके पिता बाबू सिंह यादव ने हमेशा से उन्हें उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा फर्रुखाबाद में ही हुई, जिसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की। उनके पिता का सपना था कि उनके बेटे का नाम शिक्षा और समाज सेवा में अग्रणी हो, और डॉ. अनार सिंह ने इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।
मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना
फर्रुखाबाद में उच्च शिक्षा की कमी को महसूस करते हुए, डॉ. अनार सिंह ने अपने पिता के नाम पर मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना की। यह विश्वविद्यालय छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करता है और विभिन्न विषयों में स्नातक और परास्नातक कार्यक्रमों की पेशकश करता है। विश्वविद्यालय के छात्र न केवल अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अपना नाम कमा रहे हैं।
सामाजिक योगदान और उपलब्धियां
डॉ. अनार सिंह का योगदान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से क्षेत्र में कई सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो स्थानीय समुदाय के विकास में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। इसके अलावा, वे विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर गरीब और वंचित वर्गों की सहायता के लिए भी कार्यरत हैं।
1. विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या: वर्तमान में मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय में 2,000 से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं, जो विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों में नामांकित हैं।
2. संकाय सदस्यों की संख्या: विश्वविद्यालय में 150 से अधिक शिक्षण स्टाफ हैं, जिनमें प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और अन्य अकादमिक कर्मचारी शामिल हैं।
3. कैंपस का क्षेत्रफल: विश्वविद्यालय का कैंपस 25 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से लैस क्लासरूम, लाइब्रेरी, और लैब्स शामिल हैं।
4. सामाजिक कार्यक्रम: हर साल विश्वविद्यालय द्वारा 10 से अधिक सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें छात्र और स्थानीय समुदाय बढ़-चढक़र भाग लेते हैं।
डॉ. अनार सिंह यादव ने अपने पिता के सपनों को पूरा करने के साथ-साथ फर्रुखाबाद के शिक्षा क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान की है। उनकी मेहनत और समर्पण ने न केवल उनके परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि जिले को भी गर्व का अनुभव कराया है। मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व का प्रमाण है, जो आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।