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Tuesday, January 27, 2026
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मायानगरी में आफत की बारिश…, सड़कें-ब्रिज जलमग्न, स्कूल-कॉलेज बंद; बचाव में उतरी सेना

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Rain wreaks havoc in Maharashtra
Rain wreaks havoc in Maharashtra

मुंबई/पुणे। मुंबई, पुणे, ठाणे, पालघर सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में भारी बारिश (Heavy Rain) जारी है। इसके चलते सड़कों से लेकर रेल ट्रैक तक पानी से लबालब हो चुके हैं। इसके कारण, यातायात जाम हो गया है और उड़ान और ट्रेन संचालन में देरी हो रही है। लगातार बारिश के कारण कई झीलें भी उफान पर हैं। पुणे और कोल्हापुर इलाकों में स्थिति गंभीर है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं मुंबई में भी बारिश (Heavy Rain) आफत बन गई है। यहां जुलाई में अब तक की दूसरी सबसे अधिक बारिश हुई है और कुल मिलाकर 150 सेमी से अधिक बारिश हुई है।

पुणे में तो आज गुरुवार को 70 लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। रिहायशी इलाके में पानी भरने के बाद सभी लोग फंसे हुए थे। दमकल विभाग को खबर लगी तो टीम ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर नाव के सहारे बचाव अभियान चलाया। लगीं पुणे के एकता नगर में सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। पुणे का एकता नगर पानी में डूबा हुआ है। रातभर से यहां हालात खराब हैं। लाइट और पानी भी नहीं है। अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।

15 रिहाइशी कॉलोनियां डूबीं

पुणे में लोगों की मुसीबत ये है कि उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। जबकि घर में बिजली-पानी तक नहीं है। और अगर लोग बाहर निकलते हैं तो हालात बेहद खराब है। यहां सड़कों-गलियों में खड़ी गाड़ियां डूबी हुई हैं। पुणे में 15 रिहाइशी कॉलोनियां डूब चुकी हैं। करंट से 3 मौत हो चुकी है और स्थिति के मद्देनजर सभी स्कूल बंद करने का फैसला किया गया। पुणे में रिहाइशी कॉलोनियों में जलभराव इतने बड़े पैमाने पर हुआ है कि कम से कम 15 कॉलोनियों के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सड़कें, गलियां, घर सब कुछ बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। उसी से गुजरकर लोग कहीं आने जाने के लिए मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है।

पुणे में रेस्क्यू के लिए सेना तैनात

पुणे में प्रभावित लोगों को निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए भारतीय सेना की कई टुकड़ियां लगाई गई हैं। अब तक लगभग 400 लोगों को निकाला जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित सिंहगढ़ रोड इलाके में सेना की दो टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा, राहत अभियान चलाने के लिए एनडीआरएफ, दमकल विभाग के साथ-साथ जिला और शहर आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठों की टीमों को भी लगाया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो बारिश से प्रभावित लोगों को हवाई मार्ग से पुणे ले जाया जाएगा।

भिड़े ब्रिज और एपीएमसी मार्केट पानी में डूबे

पुणे के बवधान इलाके की सड़कें नाले में तब्दील हो चुकी हैं। शहर में कुदरत के कहर की दूसरी बानगी डूब चुके भिड़े ब्रिज की तस्वीरें बयां कर रही हैं। बारिश और बाढ़ के पानी में डूबे पुणे की ड्रोन तस्वीरें हैरान करने वाली हैं। बेहिसाब हुई बारिश के बाद बाढ़ का पानी मेट्रो स्टेशन में भी घुस चुका है। भिड़े ब्रिज डूब चुका है। सड़कें-कॉलोनियां, सब जगह पानी-पानी नजर आ रहा है। एपीएमसी मार्केट पानी में लबालब है। वहीं मुथा नदी के किनारे ओमकारेश्वर मंदिर तकरीबन डूब चुका है।

बता दें कि पुणे शहर ही नहीं, जिले के पिंपरी-चिंचवड़, मावल और लोनावला इलाकों में भी मूसलाधार बारिश ने ऐसे हालत पैदा कर दिए हैं, जिसे देखकर लगता है मानों एक साथ आसमान ही फट पड़ा हो। इसी जबरदस्त बारिश के कारण मलवली इलाके के एक बंगले में 20 से अधिक पर्यटक फंस गए थे। बहुत मुश्किल से गले तक पानी में जाकर शिवदुर्ग बचाव दल ने पर्यटकों को बाहर निकाला।

डैम को ओवरफ्लो से बचाने के लिए 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा है। सिंहगड रोड पानी में डूबा हुआ है। निगम कर्मी पानी निकासी के लिए जुटे हुए हैं। बारिश के बाद बिगड़ते हालात को देखते हुए डिप्टी सीएम और प्रभारी मंत्री अजित पवार लगातार बैठकें कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ के हालात को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। राहत बचाव तेज किया जा रहा है।

डिप्टी सीएम अजित पवार ने स्थिति का जायजा लिया

राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने स्थिति का जायजा लिया और मुंबई, पुणे और ठाणे के संभागीय आयुक्तों और अन्य अधिकारियों से फोन पर बात की और सतर्कता बनाए रखने तथा बचाव और राहत कार्य के निर्देश दिए। बृहन्मुंबई नगर निगम ने भी एक्स पर एक पोस्ट में मुंबई के लोगों से अपील की कि वे शुक्रवार सुबह तक जारी ‘रेड अलर्ट’ के मद्देनजर मुंबई से बाहर निकलने से बचें। इसके अलावा, शहर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है क्योंकि मौसम विभाग ने मुंबई और पड़ोसी ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।

सहारा निवेशकों के लिए खुशखबरी, अब पांच लाख रुपये तक करें क्लेम

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sahara refund
sahara refund

सहारा रिफंड पोर्टल (Sahara Refund Portal) के जरिए अब निवेशक 500000 रुपये तक का क्लेम कर सकते हैं। पोर्टल पर कहा गया है, ‘ हम वर्तमान में ₹5,00,000 तक के दावे के लिए फिर से आवेदन स्वीकार कर रहे हैं। ₹5,00,000 लाख से अधिक की कुल राशि के क्लेम के लिए आवेदन करने की तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी। इन क्लेम्स पर 45 वर्किंग डे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।

16 जुलाई तक 4.2 लाख से अधिक निवेशकों को 362.91 करोड़ रुपये मिले पीटीआई-भाषा के मुताबिक बुधवार को गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह (Home and Cooperation Minister Amit Shah) ने संसद को बताया कि इस साल 16 जुलाई तक सहारा समूह के 4.2 लाख से अधिक निवेशकों को 362.91 करोड़ रुपये वापस किए गए हैं। शाह ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में कहा कि यह रुपए सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल (CRCS-Sahara Refund Portal) के माध्यम से वापस किए गए।

इस पोर्टल को 29 मार्च, 2023 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य वैध निवेशकों को उनके धन को फिर से प्राप्त करने में सहायता करना है। मंत्री ने कहा कि 16 जुलाई, 2024 तक सहारा समूह (Sahara Group) के सहकारी समितियों के 4,20,417 निवेशकों को 362.91 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।

बता दें सहारा समूह (Sahara Group)  में कुल 9.88 करोड़ निवेशकों के 86,673 करोड़ रुपए फंसे हैं। सहारा समूह (Sahara Group) की सहकारी समितियों के वास्तविक सदस्यों/जमाकर्ताओं की उनकी वैध जमा राशि के भुगतान और शिकायतों का समाधान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सहकारिता मंत्रालय द्वारा एक आवेदन दायर किया गया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने 5000 करोड़ रुपये “सहारा-सेबी रिफंड खाते” (Sahara-SEBI Refund Accounts) से सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार (CRCS) को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया।

इन नंबरों पर करें संपर्क : पोर्टल पर कहा गया है कि जमाकर्ताओं से अनुरोध है कि वे सभी चार समितियों से संबंधित सभी क्लेम एक ही क्लेम अप्लीकेशन फार्म से करें। केवल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दायर किए गए क्लेम पर ही विचार होगा। क्लेम करने के लिए कोई शुल्क नहीं है। किसी भी टेक्निकल समस्या के लिए सोसायटी के टोल फ्री नंबरों (0522 6937100/0522 3108400/0522 6931000/08069208210) पर संपर्क कर सकते हैं।

इस मंदिर में अकेले विराजमान है भगवान शिव, पांच हजार सालों से बाहर बैठकर मां पार्वती कर रही इंतजार

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Gopeshwar Mahadev
Gopeshwar Mahadev

सावन (Sawan) का महीना भगवान शिव (Lord Shiva) को बेहद प्रिय है। भक्त भगवान शिव के अभिषेक, दर्शन और पूजन के लिए शिव मंदिर जाते है। भक्तों को हरेक मंदिर के गर्भ गृह में बीच में शिवलिंग और पास में ही नंदी के साथ माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय जी भी बैठे मिलेंगे। लेकिन, दुनिया का शायद इकलौता शिव मंदिर वृंदावन में है, जहां भोलेनाथ तो गर्भ गृह में विराजमान हैं और माता पार्वती दरवाजे के बाहर बैठकर उनके बाहर निकलने का इंतजार कर रही हैं।

श्रीमद भागवत महापुराण में द्वापर युग यानी करीब 5300 साल पहले स्थापित प्रसिद्ध गोपेश्वर महादेव मंदिर और गोपेश्वर महादेव (Gopeshwar Mahadev) की महिमा का प्रसंग मिलता है। इस प्रसंग में साफ तौर पर कहा गया है कि वृंदावन में स्थापित यह मंदिर उसी समय का है जब भगवान कृष्ण ने महारास रचाया था। भगवान शिव महारास देखने के लिए यहां आए थे।

इस महारास में भगवान कृष्ण अकेले पुरुष थे, जबकि उनके साथ लाखों गोपियां थीं। भगवान शिव (Shiva) ने भी महारास में घुसने की कोशिश की, लेकिन गोपियों ने उन्हें दरवाजे पर ही रोक दिया। उस समय भगवान शिव ने एक गोपी की ही सलाह पर स्त्री रूप धारण किया, साड़ी पहनी, नाक में बड़ी सी नथुनी पहनी, कानों में बाली पहनी और 16 श्रृंगार किए। इसके बाद वह महारास में शामिल हो पाए।

भोलेनाथ का पीछा करते वृंदावन पहुंची पार्वती

भागवत महापुराण के मुताबिक उस समय भगवान शिव (Shiva) पहली बार माता पार्वती को बिना बताए कैलाश से बाहर निकले थे। जैसे ही इसकी खबर माता पार्वती को हुई, वह भी भगवान शिव का पीछा करते हुए वृंदावन पहुंच गईं। यहां उन्होंने देखा कि बाबा नथुनिया वाली गोपी बने हैं और भगवान कृष्ण के साथ गलबहियां कर रास रचा रहे है। यह देखकर माता पार्वती भी मोहित हो गईं। उन्होंने भी सोचा कि वह भी दर जाकर महारास में शामिल हो जाएं, लेकिन उन्हें डर था कि बाबा तो अंदर जाकर पुरूष से स्त्री बन गए, यदि वह भी स्त्री से पुरुष बन गईं तो क्या होगा।

गर्भ गृह के बाहर बैठकर इंतजार कर रही हैं माता

यही सोच कर माता पार्वती बाहर दरवाजे पर ही बैठकर बाबा को बाहर बुलाने के लिए इशारे करने लगीं। उस समय बाबा ने भी साफ कह दिया कि इस रूप में तो अब वह यहीं रहेंगे। तब से भगवान शिव (Shiva) साक्षात गोपेश्वर महादेव (Gopeshwar Mahadev) के रूप में यहां विराजमान हैं और गर्भगृह के बाहर माता पार्वती उनके इंतजार में बैठी हैं। आज भी समय समय पर बाबा नथुनिया पहन कर गोपी बनते हैं। खासतौर पर शरद पूर्णिमा की रात यानी महारास के दिन बाबा 16 श्रृंगार धारण करते हैं। वैसे तो सावन में सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ती है, लेकिन भोलेनाथ के इस मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु शरद पूर्णिमा को आते हैं।

केजरीवाल को नहीं मिल रही राहत, फिर बढ़ी न्यायिक हिरासत

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Arvind Kejriwal
Arvind Kejriwal

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्यमंत्री केजरीवाल की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया है। अब आठ अगस्त को सुनवाई होगी। तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केजरीवाल की पेशी हुई। सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल के तिहाड़ जेल से ही गिरफ्तार किया था।

इससे पहले 12 जुलाई को अदालत ने आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की न्यायिक हिरासत शुक्रवार को 25 जुलाई तक बढ़ा दी थी, जिसकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।

केजरीवाल (Arvind Kejriwal)  को विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया था। वह अपनी न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामलों के सिलसिले में पेश हुए थे।

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 जुलाई को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal)  द्वारा दायर उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें आबकारी नीति मामले से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी।

केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया है। वहीं सीबीआई ने कहा कि पूरे साक्ष्य आने पर ही कानून के तहत गिरफ्तारी की। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका पर भी आदेश सुरक्षित रखा है।

लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी भी लुढ़के

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Share Market
Share Market

घरेलू शेयर बाजार (Share Market) लगातार पांचवें दिन लाल निशान पर खुले। बाजार में यह कमजोरी वैश्विक बाजारों में कमजोरी और सरकार की ओर से निवेश पर लाभ और एफएंडओ करोबार पर जुड़े कर में बढ़ोतरी के बाद आई है। इस दौरान बाजार (Share Market) में सभी क्षेत्रों के शेयरों पर दबाव दिखा। गुरुवार को सुबह 9 बजकर 23 मिनट पर सेंसेक्स 650 अंकों या 0.80% की गिरावट के साथ 79,518 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 195 अंक या 0.80% फिसलकर 24,218 के स्तर पर बंद हुआ।

पिछले हफ्ते के रिकॉर्ड हाई से निफ्टी में अब तक 2.3% तक की गिरावट आ चुकी है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों के दौरान निफ्टी में गिरावट दिखी। जबकि बजट पेश होने के बाद भी लगातार तीन सत्रों में निफ्टी लाल निशान पर ही कारोबार करता दिखा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स की दरों में बदलाव का एलान किया था। इसके साथ ही वायदा कारोबार में लेनदेन पर भी कर लगाने की घोषणा की गई थी।

आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, खड़े ट्रक में घुसी तेज रफ्तार बस, 3 की मौत

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road accident on agra lucknow expressway
road accident on agra lucknow expressway

फिरोजाबाद। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस (Agra Lucknow Expressway)  पर एक बार फिर बड़ा हादसा (Road Accident) हुआ है। एक तेज रफ्तार बस एक्सप्रेस वे पर किनारे की ओर खड़े ट्रक में घुस गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 13 अन्य लोगों की हालत गंभीर है। बस में 40 से अधिक लोग सवार हैं। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि बस में सवार सभी लोगों को काफी चोटें आई हैं। यह हादसा (Road Accident)बुधवार-गुरुवार की रात करीब एक बजे का है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने बताया कि इस हादसे (Road Accident) में सभी घायलों को निकटवर्ती अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां से लोगों की हालत नाजुक थी, उन्हें शिकोहाबाद, सैफई और आगरा के अस्पतालों के लिए रैफर किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को की संख्या 13 है। पुलिस को आशंका है कि इस हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम सिरसागंज ने बताया कि यह हादसा माइल स्टोन 59 के पास हुआ है।

दर्जन भर यात्रियों की हालत नाजुक

एसडीएम सिरसागंज के मुताबिक इस हादसे में चार दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए हैं। इनमें करीब दर्जन भर यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक है। उन्होंने बताया कि यह हादसा (Road Accident) डबल डेकर बस चालक की लापरवाही से हुआ है। यह बस बहराइच से सवारियां भर कर दिल्ली के लिए चली थी। यहां 59 माइल स्टोन के पास एक ट्रक में कुछ तकनीकी दिक्कत आने की वजह से इसके ड्राइवर ने साइड में खड़ा कर दिया था। इधर तेज रफ्तार में आई डबल डेकर बस ने खड़े ट्रक में टक्कर मार दी है।

घटना के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। एक्सप्रेसवे से गुजर रहे अन्य लोग हादसा (Road Accident) देख रुक गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। क्षतिग्रस्त बस में फंसे यात्री बचाव के लिए चीख रहे थे।

सूचना पर एसपी ग्रामीण रणविजय सिंह, एसडीएम शिकोहाबाद विकल्प, एसडीएम सिरसागंज, इंस्पेक्टर शिकोहाबाद प्रदीप कुमार, इंस्पेक्टर नसीरपुर शेर सिंह, इंस्पेक्टर नगला खंगर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। जानकारी होने पर यूपीडा की टीम भी पहुंच गई।

टीम ने राहत बचाव कार्य शुरु कर दिया। एंबुलेंस की मदद से हादसे में घायल 31 यात्रियों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहीं शेष यात्रियों को सैफई पीजीआई, जनपद इटावा में भर्ती कराया। यूपीडा की टीम ने हाइड्रा की मदद से क्षतिग्रस्त हुई बस को एक्सप्रेसवे से हटाया। इसके बाद यातायात सुचारू हो सका।

हादसे में ये लोग हुए घायल, शिकोहाबाद में भर्ती

फिरोज (25), शहनाज (25) निवासीगण वीरपुर, बहराइच, सफिया (35), साहिल (06) पुत्र मोहम्मद शरीफ, आबिदा (07) पुत्री शरीफ, शहनाज अली (25) निवासीगण पयागपुर साहनी थाना कुटिहार बहराइच, रामदेव (40) निवासी गोबा थाना रामनगर जिला बाराबंकी, हंसराज (18) पुत्र रक्षाराम निवासी पयागपुर बहराइच, सपना देवी (27) निवासी पयागपुर जिला बहराइच, उमेश गोस्वामी (27) निवासी राजापुर गिरेंट थाना विश्वेश्वरगंज बहराइच, रियाज (19) निवासी कुठेना थाना रानीपुर जनपद बहराइच, राजा बाबू (19) निवासी खुटेना घोसलीपुुरवा थाना रानीपुर बहराइच, पप्पू (36), अरशद (09) पुत्र पप्पू निवासी पयागपुर साहनी, अंजू देवी (45), रामू सिंह (45) निवासीगण बेशनपुरवा थाना पयागपुर बहराइच, जवाहरलाल मौर्य (32), रामू (18) पुत्र जवाहरलाल निवासीगण सिसाना थाना पंडितपुर थाना विश्वेश्वरगंज बहराइच, साईजहां (40) एवं आयना (18) पुत्री सलीम निवासीगण पयागपुर जिला बहराइच, किशन कुमार (31) निवासी जमुनाकला थाना विश्वेश्वरगंज बहराइच, मायाराम (40) निवासी पयागपुर, सुरेश (38) निवासी हरियाहर थाना पयागपुर, अनिल (21) निवासी बहराइच, अभिषेक (30) निवासी मोतवा गोपालपुर बहराइच, संतोष कुमार (36) निवासी कला भोर नगरिया थाना गोला, सत्यनारायण (24) निवासी मरदा नगर बहराइच, कृष्ण कुमार (30) निवासी लखारामपुर बहराइच, अयोध्या प्रसाद (40) निवासी लखारामपुर बहराइच एवं आकाश कुमार (22) निवासी लखारामपुर बहराइच गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से फिरोज की हालत गंभीर है। वहीं आइना के अलावा सभी के फ्रैक्चर हुए हैं।